Jaipur Firecracker Factory Tragedy: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार सुबह एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में लगी भीषण आग से 8 लोगों की जान चली गई। मृतकों में एक बच्चा और दो सगे भाई भी शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि कई लोग आग की चपेट में आने के बाद सड़क पर तड़पते रहे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रिहायशी इलाके में अवैध रूप से पटाखों की पैकिंग और भंडारण का काम किया जा रहा था।
रिहायशी इलाके में चल रही थी अवैध फैक्ट्री
करीम नगर-बी स्थित मकान नंबर 88 में यह अवैध फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। मकान याकूब नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है, जिसने इसे दिल्ली निवासी फिरोज को किराए पर दिया था। आरोप है कि फिरोज अपने सहयोगी वसीम के साथ यहां शादी-ब्याह में इस्तेमाल होने वाले पटाखों की पैकिंग और भंडारण का काम कर रहा था। हादसे के बाद से मकान मालिक और फैक्ट्री संचालक फरार हैं।
दो सगे भाइयों की भी मौत
मृतकों में बिलाल खान और आजीम खान नाम के दो सगे भाई भी शामिल हैं। बताया गया कि आजीम फैक्ट्री में काम करता था और बिलाल उससे मिलने आया था। दोनों बातचीत कर रहे थे तभी आग भड़क गई और दोनों उसकी चपेट में आ गए।
आग लगने की वजह क्या थी?
पुलिस और एफएसएल टीम ने मौके से नमूने और साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट या बीड़ी-सिगरेट की चिंगारी से लगी हो सकती है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय परिसर में करीब 50 किलो बारूद मौजूद था, जिससे आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने सुनाई भयावह कहानी
स्थानीय निवासी हाशिम अंसारी के अनुसार आग इतनी भीषण थी कि लोगों को बचाने के दौरान उनके कपड़े और पैर तक झुलस गए। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई लोग अंदर ही फंस गए। फैक्ट्री के भीतर एक LPG सिलेंडर भी मौजूद था, जिसे समय रहते बाहर निकाल लिया गया, अन्यथा नुकसान और बड़ा हो सकता था।
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पुलिस और प्रशासन पर उठे सवाल
यह अवैध फैक्ट्री खोह नागोरियान थाने से महज एक किलोमीटर की दूरी पर पिछले करीब दो वर्षों से संचालित हो रही थी। ऐसे में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक अमीन कागजी ने पूछा कि आखिर रिहायशी इलाके में चल रही इतनी बड़ी अवैध गतिविधि की जानकारी पुलिस को क्यों नहीं थी।
पुलिस कमिश्नर बोले- दोषियों पर होगी कार्रवाई
पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने कहा कि जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पटाखों का गोदाम संचालित किया जा रहा था और पूरे मामले की जांच की जा रही है। यदि रिहायशी इलाके में अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री का भंडारण पाया जाता है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने मांगी रिपोर्ट
जिस कॉलोनी में यह फैक्ट्री चल रही थी, उसकी वैधता को लेकर भी सवाल उठे हैं। जिला प्रशासन ने संबंधित तहसीलदार और पटवारी से रिपोर्ट तलब की है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कॉलोनी वैध थी या अवैध।
सबसे बड़ा सवाल
8 लोगों की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि थाने से महज एक किलोमीटर दूर चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री और बारूद के गोदाम की भनक पुलिस, बीट कॉन्स्टेबल और स्थानीय प्रशासन को क्यों नहीं लगी? यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद आठ लोगों की जान बचाई जा सकती थी। यह हादसा सिर्फ एक अग्निकांड नहीं, बल्कि निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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