MP Rajya Sabha Elections: मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने निर्विरोध जीत दर्ज कर ली है। गुरुवार को चुनाव आयोग ने भाजपा उम्मीदवारों रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप दिए।
हालांकि चुनाव परिणामों के साथ ही विवाद भी गहरा गया है। कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी का कहना है कि उसके उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोककर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित किया गया।
VIDEO | Rajya Sabha polls: All three BJP candidates in MP elected unopposed, collect ‘certificates of victory’ in Bhopal.
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— Press Trust of India (@PTI_News) June 11, 2026
राहुल गांधी ने कहा- भाजपा और चुनाव आयोग की जुगलबंदी
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की मौजूदगी में हुई बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से कांग्रेस की सीट छीन ली गई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन मामूली आपत्ति के आधार पर खारिज कर दिया गया, जबकि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को त्रुटियां सुधारने का अवसर दिया गया। राहुल ने इसे चुनाव प्रक्रिया में दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया।
कांग्रेस के पास था पर्याप्त संख्या बल
मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस ने मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार बनाया था। पार्टी का दावा है कि उसके पास जीत के लिए पर्याप्त संख्या बल मौजूद था। लेकिन 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन पत्र निरस्त कर दिया, जिसके बाद कांग्रेस ने कानूनी लड़ाई शुरू कर दी।
सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा मामला
कांग्रेस ने नामांकन रद्द करने के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। पार्टी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तत्काल सुनवाई की मांग की।
सिंघवी ने अदालत से कहा कि नाम वापस लेने की अंतिम समय-सीमा दोपहर 3 बजे तक है, इसलिए मामले की जल्द सुनवाई जरूरी है। हालांकि चुनाव आयोग ने कहा कि उसे अभी तक याचिका की प्रति नहीं मिली है और जवाब दाखिल करने के लिए समय चाहिए।
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सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी। इसके बाद कांग्रेस ने मांग की कि अदालत के अंतिम निर्णय तक चुनाव परिणाम घोषित न किए जाएं, लेकिन इस बीच निर्वाचन प्रक्रिया पूरी हो गई और भाजपा उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया।
दिग्विजय सिंह बोले- इसमें सुप्रीम कोर्ट भी शामिल
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस मामले में सिर्फ चुनाव आयोग ही नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समय रहते फैसला न होने से भाजपा को लाभ मिला।
केसी वेणुगोपाल का आरोप
कांग्रेस महासचिव के.सी .वेणुगोपाल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन गलत आधारों पर खारिज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के मामले में अलग रवैया अपनाया गया और कांग्रेस के साथ भेदभाव किया गया।
वेणुगोपाल ने कहा कि लोकतंत्र और चुनावी पारदर्शिता की रक्षा के लिए कांग्रेस कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर संघर्ष जारी रखेगी।
उमंग सिंघार ने चुनाव आयोग पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अन्य राज्यों में चुनाव आयोग हस्तक्षेप कर सकता है तो मध्य प्रदेश के मामले में कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
सिंघार ने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने नियमों का उल्लंघन किया और चुनाव आयोग ने समय रहते मामले पर कोई निर्णय नहीं लिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट मामले में न्यायपूर्ण फैसला देगा।
क्या है पूरा विवाद?
- कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किया गया।
- कांग्रेस ने इसे गैरकानूनी और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताया।
- मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन सुनवाई अगले दिन तक टल गई।
- कांग्रेस ने परिणाम रोकने की मांग की, लेकिन चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई।
- भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
- कांग्रेस अब कानूनी और राजनीतिक लड़ाई जारी रखने की बात कह रही है।
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