तिहाड़ जेल में बंद आशुतोष-सौरव की हिरासत 2 दिन और बढ़ी, CJP बोली- रिहाई में जानबूझकर देरी कर रही पुलिस; 14 अक्टूबर को भेजे गए थे जेल

CJP Protest Case: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन और बढ़ा दी गई है। दोनों 14 अक्टूबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं। सोमवार को दोनों को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया। पुलिस ने उनकी हिरासत बढ़ाने की मांग की, जिसे मजिस्ट्रेट ने मंजूर कर लिया। अब दोनों को बुधवार, 21 अक्टूबर को फिर से पेश किया जाएगा।

CJP ने आरोप लगाया है कि पुलिस दोनों नेताओं की रिहाई में जानबूझकर देरी कर रही है। पार्टी का कहना है कि जमानत की प्रक्रिया में लगातार अड़चनें आ रही हैं और जमानतदारों के दस्तावेजों की जांच में भी देरी की गई है।

CJP बोली- रिहाई पर सुनवाई की बजाय धमकी भरे संदेश पर चर्चा की

CJP की लीगल हेड रत्ना सिंह के मुताबिक, रविवार को जमानत पर सुनवाई के लिए मजिस्ट्रेट और सरकारी वकील दोपहर 12 बजे से इंतजार के बाद शाम करीब 5:30 बजे पहुंचे। पार्टी का आरोप है कि दोनों नेताओं की रिहाई पर सुनवाई करने के बजाय मजिस्ट्रेट को मिले धमकी भरे संदेश पर चर्चा की गई।

रत्ना सिंह ने सवाल उठाया कि इस संदेश का दोनों नेताओं की जमानत से क्या संबंध है। उन्होंने कहा कि CJP ने संदेश भेजने वाले की पहचान कर उसके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। पुलिस की ओर से इन आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया गया है।

रत्ना सिंह ने SEM अदालतों की व्यवस्था पर उठाए सवाल

CJP की कानूनी प्रमुख रत्ना सिंह ने आशुतोष रांका और सौरव दास की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जमानतदारों के सत्यापन की प्रक्रिया किसी व्यक्ति को न्यायिक हिरासत में भेजने का वैध आधार नहीं हो सकती।

रत्ना सिंह ने आरोप लगाया कि अधिकारियों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता की परवाह नहीं है और वे आवाजों को दबाने के लिए कानून का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का युवा इन घटनाओं को देख रहा है और ऐसी कार्रवाइयों से आंदोलन से जुड़े लोग कमजोर होने के बजाय और मजबूत होंगे।

चार जमानतदारों को खारिज करने पर भी सवाल

CJP का आरोप है कि दोनों नेताओं के जमानतदारों के दस्तावेजों की जांच में देरी की गई। पार्टी के मुताबिक, चार जमानतदारों को स्पष्ट कारण बताए बिना खारिज कर दिया गया। पार्टी ने जमानत के लिए बैंक की मुहर वाली फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) रसीद दोबारा मंजूरी के लिए पेश करने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं।

वहीं, अदालत से जुड़ी जानकारी के मुताबिक, सत्यापन के दौरान विसंगतियां मिलने के बाद जमानतदारों के दस्तावेज स्वीकार नहीं किए गए और नए जमानतदार पेश करने का निर्देश दिया गया।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि दोनों नेताओं को जेल में रखने के लिए जमानत की प्रक्रिया में देरी की जा रही है। पार्टी ने कहा है कि वह दोनों नेताओं की रिहाई के लिए कानूनी लड़ाई जारी रखेगी।

ये भी पढ़ेंः CJP फाउंडर अभिजीत दीपके गिरफ्तार, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा 13 घंटे बाद रिहा; तिरंगा मार्च के बाद हिरासत में लिया था, सौरव-आशुतोष तिहाड़ जेल गए

वकील बोले- प्रदर्शन की आशंका में हिरासत, कोई FIR नहीं

CJP नेताओं की न्यायिक हिरासत दो दिन बढ़ाए जाने पर उनके वकील अभिक चिमनी ने कहा कि जब वे सोमवार को अदालत पहुंचे, तब पांच दिन की हिरासत की अवधि समाप्त हो चुकी थी। पिछली सुनवाई में अदालत ने जमानतदारों को स्वीकार करने के लिए पर्याप्त रूप से वैध नहीं पाया था। इसके बाद वे नए जमानतदारों के दस्तावेज लेकर अदालत पहुंचे।

अभिक चिमनी के मुताबिक, सुनवाई के दौरान सरकार ने नया आवेदन दाखिल कर पांच से सात दिन की अतिरिक्त न्यायिक हिरासत की मांग की। उन्होंने कहा कि आवेदन में सार्वजनिक व्यवस्था और शांति भंग होने के तत्काल खतरे का हवाला दिया गया था।

वकील ने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस मामले में मेरे मुवक्किलों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं है। यह निवारक हिरासत का मामला है। उन्हें इस आशंका के आधार पर हिरासत में रखा गया है कि वे प्रदर्शन करने जा सकते हैं।”

उन्होंने दावा किया कि इस मामले में न कोई FIR है, न कोई लंबित मुकदमा और न ही ऐसी कोई जांच है, जिसके लिए दोनों से पूछताछ जरूरी हो। उन्होंने हिरासत की कार्रवाई पर निराशा जताते हुए कहा कि वे कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।

CJP नेताओं की हिरासत की पूरी टाइमलाइन

10 अक्टूबर

प्रदर्शन से पहले हिरासत

 

CJP के दिए गए घटनाक्रम के मुताबिक, अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया था।
11 अक्टूबर

जमानत पर रिहाई

 

तीनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। उन्हें 50-50 हजार ऱुपए के जमानती मुचलके पर रिहा किया गया और शांति बनाए रखने की शर्त रखी गई।
13 अक्टूबर

जंतर-मंतर पहुंचने पर दोबारा हिरासत

 

आशुतोष रांका और सौरव दास अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे और तिरंगा फहराया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। आरोप है कि दोनों ने प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर पहले दिए गए शांति बनाए रखने के बॉन्ड का उल्लंघन किया।
14 अक्टूबर

पांच दिन की न्यायिक हिरासत

 

विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल में रखा गया।
19 अक्टूबर

हिरासत दो दिन और बढ़ी

 

सोमवार को पुलिस की मांग पर दोनों की न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई। अब उन्हें बुधवार को फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

 नेहा बोरा ने पीस बॉन्ड को लेकर हाईकोर्ट में याचिका लगाई

AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उन्होंने दिल्ली पुलिस के उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें शांति बनाए रखने के लिए विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने बॉन्ड भरने को कहा गया है।

नेहा बोरा हाल ही में SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में शामिल रही हैं। उन्होंने इस नोटिस को चुनौती देते हुए अदालत से राहत मांगी है। हालांकि, दशहरा अवकाश के कारण इस सप्ताह हाईकोर्ट बंद है।

CJP के तिरंगा मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने दर्ज कीं 3 FIR

दिल्ली पुलिस ने 16 अक्टूबर को हुए तिरंगा मार्च के संबंध में कम से कम तीन FIR दर्ज कीं। इनमें CJP संस्थापक अभिजीत दीपके, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP नेताओं समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं।

ये FIR कनॉट प्लेस और मंडी हाउस थानों में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर प्रतिबंधात्मक आदेशों का उल्लंघन करने, सड़क के बीच मार्च निकालने और पुलिस के काम में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं।

CJP ने NEET मामले में भी किया था प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून से 25 जुलाई तक NEET पेपर लीक मामले में तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। 36 दिन तक चले इस आंदोलन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे।

20 जुलाई को CJP ने संसद तक मार्च भी निकाला था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पार्टी ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था।

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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