US Russia Diesel Deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब रूस से डीजल खरीदने की तैयारी में हैं। ट्रंप ने शुक्रवार को इस समझौते की जानकारी देते हुए दावा किया कि रूस से डीजल की सप्लाई बढ़ने और होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका के नियंत्रण से दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से घटेंगी। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे रूस को युद्ध लंबा खींचने में मदद मिल सकती है।
ट्रंप ने रूस के साथ तेल समझौते पर खुशी जताते हुए कहा, “मुझे लगता है कि आपने रूस के साथ तेल समझौते के बारे में सुना होगा। यह एक बड़ा समझौता है। इसके तहत भारी मात्रा में तेल हमारे देश में आएगा। मैं राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं। हमारे देश में बड़ी मात्रा में तेल आ रहा है और यह डीजल है, जिसकी हमें जरूरत है।”
#WATCH | US President Donald Trump says, “I think you heard about the oil deal with Russia. That is a big deal. That is massive amounts of oil coming into our country. I want to thank President Putin. We have massive amounts of oil coming into our country, and it is diesel, which is what we want.”
(Source: US Network Pool via Reuters)
— ANI (@ANI) October 9, 2026
ट्रंप के मुताबिक, समझौते के तहत रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की सप्लाई की जाएगी।
खास बात यह है कि सितंबर में ही ट्रंप ने रूस पर प्रतिबंध लगाने से जुड़े कानून पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिका 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगा सकता है। भारत और चीन जैसे देश भी इसके दायरे में आ सकते हैं।
ट्रंप ने रूस पर लगे प्रतिबंधों में दी छूट
ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद वैश्विक बाजार में रूसी डीजल की बिक्री और आयात पर लगे प्रतिबंधों को 7 अप्रैल 2027 तक अस्थायी रूप से हटा दिया है।
यह फैसला रूस के प्रति अमेरिका की प्रतिबंध नीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद से अमेरिका रूस पर लगातार प्रतिबंध लगाता रहा है।
ट्रंप ने कहा कि ईंधन की कीमतें कम करना, खासकर अमेरिकी किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए, उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। शुक्रवार को व्हाइट हाउस से चुनावी रैली के लिए रवाना होते समय भी उन्होंने इस समझौते पर खुशी जताई।
अमेरिका ने रूसी डीजल के लेनदेन को 7 अप्रैल 2027 तक दी मंजूरी
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने 7 अप्रैल 2027 तक रूस में उत्पादित डीजल ईंधन की बिक्री, आपूर्ति, जहाज से उतारने और आयात से जुड़े लेनदेन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के तहत तय अवधि तक रूसी डीजल से जुड़े इन लेनदेन की अनुमति होगी।
US Treasury authorises transactions related to the sale, delivery, offloading, and importation of Russian-origin diesel fuel until April 7, 2027. https://t.co/3DVhlNGHzg
— ANI (@ANI) October 9, 2026
जेलेंस्की बोले- डील से रूस को युद्ध लंबा खींचने में मिलेगी मदद
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिका और रूस के बीच हुए इस समझौते पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि रूस इस फैसले के बदले आतंक और धोखे का सहारा लेगा। जेलेंस्की के मुताबिक, इस समझौते से रूस को युद्ध लंबा खींचने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि यह फैसला रूस के हित में है। इससे रूस को ज्यादा लोगों की जान लेने और दुनिया को अधिक नुकसान पहुंचाने का मौका मिल सकता है।
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एक्सपर्ट बोले- कीमतों पर ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद नहीं
ईरान युद्ध के कारण दुनियाभर में तेल की कीमतें बढ़ी हैं। हालांकि, शुक्रवार को ट्रंप की घोषणा के बाद डीजल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के ऊर्जा विशेषज्ञ क्लेटन सीगल ने कहा कि इस समझौते से कीमतों पर बहुत ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद नहीं है। उनके मुताबिक, इससे रूस और पुतिन को बड़ा फायदा हो सकता है।
वहीं, एनर्जी पॉलिसी रिसर्च फाउंडेशन के माइकल लिंच ने इस समझौते की तुलना डूबते जहाज से की। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका रूस से डीजल खरीदता है, तो रूस के मौजूदा ग्राहकों को इसकी कमी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में उन्हें दूसरे देशों से डीजल खरीदना पड़ेगा। इससे वैश्विक बाजार में कीमतें लगभग मौजूदा स्तर पर बनी रह सकती हैं।
ईरान युद्ध खत्म कराने में रूस की भूमिका का ट्रंप ने किया स्वागत
रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन के मुताबिक, ट्रंप ईरान युद्ध का समाधान निकालने की कोशिशों में रूस की भूमिका का स्वागत करते हैं।
ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म होते ही तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आएगी। उन्होंने शुक्रवार को न्यूयॉर्क के सिरैक्यूज में एक चुनावी रैली के दौरान यह बात कही।
ट्रंप ने दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट से युद्ध शुरू होने से पहले के मुकाबले अब ज्यादा तेल गुजर रहा है। उन्होंने तेल रिफाइनरियों और खुदरा विक्रेताओं से पेट्रोल-डीजल की कीमतें तुरंत कम करने को कहा। ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है।
अमेरिका ने ईरान पर फिर बमबारी की योजना बनाई
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने ईरान पर लगातार तीन दिन तक बड़े पैमाने पर बमबारी करने की योजना तैयार की है।
द न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, इसके लिए अक्टूबर के आखिर तक पश्चिम एशिया में 20 हजार से ज्यादा नौसैनिक और मरीन सैनिक तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा, सैकड़ों लड़ाकू विमान और तीन विमानवाहक पोत भी भेजे जाएंगे।
हालांकि, ट्रंप फिलहाल ईरान पर दोबारा हमला करने के लिए तैयार नहीं हैं। पिछले कुछ महीनों में वह ईरान और हूती विद्रोहियों पर बड़े हमले करने के पांच प्रस्ताव ठुकरा चुके हैं।
नई योजना के तहत ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, बिजली संयंत्रों और सैन्य मुख्यालयों को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने साफ किया है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले हमला नहीं किया जाएगा।








