Dussehra 2026: देशभर में आज विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी दिल्ली के आईपी एक्सटेंशन में आयोजित दशहरा समारोह में हिस्सा लिया और देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।
#WATCH | Delhi: Ravan Dahan is being performed at IP Extension in East Delhi on the occasion of #Dussehra.
PM Narendra Modi attended the Dussehra celebrations here.
(Source: DD News) https://t.co/ODKvGqvmj1
— ANI (@ANI) October 20, 2026
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आत्मनिर्भरता, संकल्प और सामूहिक शक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो और चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है। हमें अपनी क्षमता पहचानकर अपने परिश्रम से समाधान निकालना होगा।
संकट कितना भी बड़ा हो, हमें अपना सामर्थ्य पहचानना है- PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशहरा समारोह में भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने संकल्प पर अडिग रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “संकट कितना भी बड़ा क्यों न हो, चुनौती कितनी भी कठिन क्यों न हो, हमें दूसरों के भरोसे नहीं बैठना है। हमें अपना सामर्थ्य पहचानना है। हमें संसाधनों पर विश्वास करना है। अपने संकल्प को शक्ति बनाना है और अपने परिश्रम से समाधान निकालना है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि यही सफलता का मूलमंत्र है। उनके मुताबिक, किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
भारत का कोना-कोना राममय- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजयादशमी के अवसर पर भगवान श्रीराम, माता जानकी और बजरंगबली को नमन किया। उन्होंने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज भारत का कोना-कोना राममय है।
पीएम मोदी ने कहा कि देशभर में रामलीलाओं का मंचन और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवंत रखने की परंपरा भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि अत्याचार और आतंक के अंत तथा असत्य पर सत्य की विजय का विश्वास इस पर्व की विशेषता है।
प्रधानमंत्री ने विजयादशमी को भारत की प्राण ऊर्जा बताते हुए कहा कि यह त्योहार देशवासियों को सत्य, साहस और संकल्प के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
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रामराज्य का आदर्श जनकल्याण है- पीएम मोदी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामराज्य की अवधारणा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत में हजारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना होती रही है। श्रीराम के प्रति लोगों की आस्था केवल रावण के अंत तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके आदर्श भी इसकी बड़ी वजह हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी सत्य और धर्म का मार्ग नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि राजा बनने की संभावना पर श्रीराम का चेहरा खुशी से नहीं खिला और वनवास जाने की बात पर भी उनके चेहरे पर उदासी नहीं आई। वनवास के दौरान उन्होंने निषादराज को गले लगाया और माता शबरी को सम्मान दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने करुणा, दया, प्रेम और सद्भाव के अनुकरणीय आदर्श स्थापित किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अयोध्या लौटने के बाद भगवान श्रीराम ने रामराज्य की स्थापना की, जिसे आज भी सुशासन का मानदंड माना जाता है। उन्होंने कहा कि रामराज्य ऐसी शासन व्यवस्था है, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो, सभी को न्याय मिले और सबको समान अवसर प्राप्त हों। सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि जनकल्याण होना चाहिए। पीएम मोदी ने गरीबों और वंचितों की सेवा को सर्वोपरि रखने तथा जनता को जनार्दन मानकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
VIDEO | Delhi: PM Narendra Modi (@narendramodi) attends Vijayadashami celebrations at Indraprastha Ramleela Ground.
He says, “Lord Shri Ram faced numerous difficulties throughout his life, yet he never abandoned the path of truth and righteousness. His character was such that, Lord Ram’s face neither lit up with joy at the prospect of being crowned king nor became sorrowful at the prospect of going into exile. Even while enduring every hardship, he upheld dharma and established the truth. When Lord Ram went into the forest, he embraced Nishadraj and treated Mata Shabari with respect. He set exemplary standards of compassion, kindness, love, and harmony. And when Lord Ram returned and became the king of Ayodhya, he established Ram Rajya—a model of governance that is still regarded as a benchmark for good governance today. Ram Rajya means a system of governance where no one is discriminated against, everyone receives justice, everyone has equal opportunities, and the purpose of power is not merely to rule, but to serve the welfare of the people.”
(Source: PM Narendra Modi YT)
#PMModi #Vijayadashami
— Press Trust of India (@PTI_News) October 20, 2026
मां भारती के शत्रुओं को पहचानना होगा- PM मोदी
दशहरा समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हित के लिए एकजुटता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की सभी संस्थाओं और राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय हित के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए।
पीएम मोदी ने कहा कि देश के मान-सम्मान को चोट पहुंचाने वाली ताकतों, समाज को बांटने वाले लोगों और भारतीय संस्कृति से नफरत करने वाली मानसिकता को पहचानना जरूरी है। उन्होंने देशवासियों से ‘राष्ट्र प्रथम’ के संकल्प के साथ एकजुट रहने और मां भारती के शत्रुओं को परास्त करने का आह्वान किया।
भारत की सांस्कृतिक धरोहरों का भी किया जिक्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों तक देश की धरोहरों को लूटकर विदेश ले जाया गया, लेकिन अब उन्हें वापस लाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बीते 12 वर्षों में 650 से ज्यादा प्राचीन मूर्तियों को भारत वापस लाया गया है। पीएम मोदी के मुताबिक, भारत अपने सांस्कृतिक केंद्रों को दुनिया में नई पहचान दिला रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व साहस और सच्चाई के साथ खड़े रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि शत्रु कितना भी बड़ा क्यों न हो, जब हम सच्चाई और मानवता के साथ होते हैं तो अंत में जीत हमारी होती है।
Vijaya Dashami celebrates the victory of good over evil. It reminds us of the enduring strength of truth and righteousness. https://t.co/jJSlQdNhu2
— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2026





