Iran Attacked Saudi East‑West Oil Pipeline: ईरान ने बुधवार को सऊदी अरब की ईस्ट‑वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया। यह पाइपलाइन सऊदी तेल निर्यात के लिए अहम मार्ग है और इसे खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के लिए बनाया गया था।
हमले के दौरान पाइपलाइन के कुछ हिस्सों और पंपिंग स्टेशन को नुकसान पहुंचा। इस घटना के कारण तेल की आपूर्ति पर अस्थायी असर पड़ा है, जबकि सऊदी अरब की दूसरी तेल फैसिलिटी भी प्रभावित हुई हैं।
ईरान ने कौन-सी पाइपलाइन पर किया हमला
- यह पाइपलाइन सऊदी अरब के पूर्वी तेल क्षेत्रों से यनबू पोर्ट तक तेल पहुंचाती है।
- इसकी क्षमता लगभग 70 लाख बैरल तेल प्रति दिन है।
- होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने के कारण यह मार्ग तेल निर्यात के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इसके बिना सऊदी को खाड़ी के खतरनाक मार्ग पर निर्भर रहना पड़ेगा, जो वैश्विक तेल आपूर्ति और सुरक्षा के लिए जोखिम भरा है।
हमले का सीधा असर
इस हमले का सीधा असर पाइपलाइन और पंपिंग स्टेशन को नुकसान हुआ। तेल की आपूर्ति में अस्थायी रुकावट आई।वैश्विक तेल बाजार पर इसका असर देखा गया, क्योंकि निवेशक और व्यापारी इसे मध्य पूर्व की अस्थिर स्थिति के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला दिखाता है कि क्षेत्रीय तनाव अब तेल इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच गया है। अगर पाइपलाइन लंबे समय तक प्रभावित रहती है, तो सऊदी तेल निर्यात और वैश्विक बाजार की स्थिरता दोनों पर असर पड़ सकता है।
बता दें कि ईरान ने सऊदी की ईस्ट‑वेस्ट ऑयल पाइपलाइन पर हमला किया। यह पाइपलाइन होर्मुज स्ट्रेट बायपास करती है और सऊदी तेल निर्यात की मुख्य लाइफलाइन है। हमले के कारण कुछ हिस्सों और पंपिंग स्टेशन को नुकसान हुआ, तेल आपूर्ति में रुकावट आई और वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ी।






