जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

Satyendar Jain Arrested Again: दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर में कथित गड़बड़ी के मामले में मंगलवार को सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की प्रक्रिया में इस तरह बदलाव किए गए, जिससे एक खास कंपनी को फायदा पहुंचाया जा सके।

सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्चुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और तीन कंपनियों से जुड़े नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है।

टेंडर की शर्तों में बदलाव का आरोप

ACB के अनुसार, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के अपग्रेडेशन से जुड़े टेंडरों की शर्तों को कथित तौर पर इस तरह तैयार किया गया, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो जाए और एक विशेष कंपनी को काम मिलने की संभावना बढ़े।

जांच एजेंसी का दावा है कि मामले की पड़ताल के दौरान उसे बिचौलियों और सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। ई-मेल की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि टेंडर से जुड़े दस्तावेज कुछ कंपनियों के साथ प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही साझा किए गए थे।

ACB का आरोप है कि तत्कालीन दिल्ली जल बोर्ड CEO उदित प्रकाश राय को करीब 1.52 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई। फिलहाल एजेंसी मामले में पैसों के लेनदेन और टेंडर प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

2024 में 872 दिन बाद जेल से बाहर आए थे जैन

सत्येंद्र जैन इससे पहले भी लंबे समय तक जेल में रह चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 30 मई 2022 को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। करीब 872 दिन जेल में रहने के बाद अक्टूबर 2024 में उन्हें अदालत से जमानत मिली थी।

ED ने आरोप लगाया था कि कथित तौर पर जैन से जुड़ी कंपनियों के जरिए धन को वैध दिखाने की कोशिश की गई। जैन ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया था।

STP टेंडर मामले में ED भी कर चुकी है कार्रवाई

दिल्ली जल बोर्ड के चार सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं की जांच ED भी कर चुकी है। एजेंसी का आरोप रहा है कि टेंडर की शर्तों में ऐसे प्रावधान रखे गए, जिनसे एक विशेष कंपनी को अनुचित लाभ मिल सके।

दिसंबर 2025 में ED ने सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ करीब 17.70 करोड़ रुपए के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की थी।

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सत्येंद्र जैन के खिलाफ पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

सत्येंद्र जैन का नाम इससे पहले भी कई जांच और मामलों में सामने आ चुका है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला: CBI ने अगस्त 2017 में जैन के खिलाफ कथित आय से अधिक संपत्ति को लेकर मामला दर्ज किया था। आरोप था कि फरवरी 2015 से मई 2017 के बीच उनकी ज्ञात आय की तुलना में करीब 1.47 करोड़ रुपये की कथित विसंगति थी।

मनी लॉन्ड्रिंग केस: आय से अधिक संपत्ति मामले से जुड़े आरोपों के आधार पर ED ने 2022 में जैन को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने उनसे जुड़ी कुछ कंपनियों के जरिए कथित तौर पर धन को वैध बनाने का आरोप लगाया था।

CCTV प्रोजेक्ट: मार्च 2025 में दिल्ली ACB ने करीब 571 करोड़ रुपए के CCTV प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर जैन के खिलाफ केस दर्ज किया था।

स्कूल क्लासरूम प्रोजेक्ट: दिल्ली सरकार के स्कूलों में क्लासरूम निर्माण से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में भी ED की जांच में सत्येंद्र जैन का नाम सामने आया था। इस मामले में पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का नाम भी आया था।

संपत्ति अटैचमेंट: सितंबर 2025 में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत सत्येंद्र जैन से जुड़ी करीब 7.44 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अटैच की थीं।

तिहाड़ में मसाज और VIP सुविधाओं को लेकर भी रहे चर्चा में

सत्येंद्र जैन के जेल में रहने के दौरान उन्हें कथित VIP सुविधाएं मिलने का मुद्दा भी काफी चर्चा में रहा था। ED ने अदालत में CCTV फुटेज और तस्वीरें पेश करते हुए आरोप लगाया था कि जेल में उन्हें विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं।

फुटेज में जैन को मसाज कराते हुए देखे जाने के बाद राजनीतिक विवाद भी खड़ा हुआ था। ED ने आरोप लगाया था कि जेल के नियमों के विपरीत उन्हें कई तरह की सुविधाएं दी जा रही थीं।

अब ACB की जांच पर नजर

STP टेंडर मामले में ताजा गिरफ्तारी के बाद ACB अब टेंडर की शर्तें तय करने की प्रक्रिया, कथित रिश्वत के लेनदेन, अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच संपर्क तथा दस्तावेजों के पहले से साझा किए जाने के आरोपों की जांच कर रही है।

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