Noida Violence: नोएडा में सोमवार को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन अचानक हिंसक हो गया। 9 अप्रैल से आंदोलन कर रहे हजारों फैक्ट्री कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा और देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। करीब 42 हजार श्रमिक सड़कों पर उतर आए और अलग-अलग इंडस्ट्रियल इलाकों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
350 फैक्ट्रियों में तोड़फोड़, गाड़ियां जलाई गईं
प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर फैक्ट्रियों में घुसकर तोड़फोड़ की। उद्योग संगठनों के मुताबिक, 350 से ज्यादा फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा करीब 150 वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया, जिनमें से 50 से अधिक गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस की गाड़ियों को भी निशाना बनाया गया।
पुलिस से झड़प, आंसू गैस का इस्तेमाल
हालात बिगड़ने पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हुआ। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची और संवेदनशील इलाकों में RAF और PAC को तैनात किया गया।
कई इलाकों में फैली हिंसा
सबसे पहले नोएडा के फेज-2 इंडस्ट्रियल एरिया में हालात बिगड़े, जहां सैलरी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी थी। इसके बाद हिंसा सेक्टर-57, 40, 60, 85, 1, 15 और 62 समेत कई इलाकों में फैल गई। कुछ जगहों पर सड़क जाम कर दी गई, जिससे ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।
200 हिरासत में, 60 पर केस दर्ज
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 200 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि 60 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्रशासन का कहना है कि उपद्रव फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौतमबुद्धनगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा,
नोएडा में लगभग 83 स्थानों पर करीब 42 हजार श्रमिक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। इनमें से केवल दो स्थानों पर प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हुई, जहां हालात को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया और मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
बिना लीडर के उग्र भीड़ बनी चुनौती
इस पूरे प्रदर्शन की खास बात यह रही कि इसका कोई स्पष्ट नेतृत्व नहीं था। बड़ी संख्या में 18 से 30 साल के युवा इसमें शामिल थे, जिससे भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए और मुश्किल हो गया।
CM योगी ने हाईलेवल जांच कमेटी बनाई
घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने हाईलेवल जांच कमेटी का गठन हैं। इस कमेटी में औद्योगिक विकास, श्रम विभाग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन की अपील: शांति बनाए रखें
प्रशासन ने कर्मचारियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। साथ ही कंपनियों के साथ बैठक कर कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनमें समय पर वेतन भुगतान, वेतन पर्ची देना और कार्यस्थल पर बेहतर व्यवहार सुनिश्चित करना शामिल है। नोएडा डीएम मेधा रुपम ने कहा,
अफवाहों पर ध्यान न दें। कंपनियों के साथ बैठक में अहम फैसले लिए गए हैं। वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति गठित की जाएगी। इसकी अध्यक्ष महिला ही होगी। शिकायत पेटियां रखी जाएंगी। कर्मचारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाएगा। हर महीने की 10 तारीख तक वेतन का एकमुश्त भुगतान कर दिया जाएगा। वेतन पर्ची अनिवार्य रूप से दी जाएगी
फिलहाल नोएडा के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि दोबारा किसी तरह की हिंसा न भड़क सके।






