Macron-Modi Phone Call: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को फोन कर पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर विस्तार से चर्चा की। इस अहम बातचीत में दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर गहराई से विचार-विमर्श किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने अपने “प्रिय मित्र” राष्ट्रपति मैक्रों से मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बात की। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) में सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए जहाजों की आवाजाही को जल्द से जल्द बहाल किया जाना चाहिए।
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होर्मुज क्यों है इतना अहम?
होर्मुज स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यह करीब 55 किलोमीटर चौड़ा रास्ता है, जिसके जरिए वैश्विक तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार, खासकर तेल और गैस की कीमतों पर पड़ता है।
तेल और गैस सप्लाई पर बढ़ा संकट
ईरान पर अमेरिका और इजरायल की कार्रवाई के बाद इस इलाके में तनाव और बढ़ गया है। इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है, जिससे दुनियाभर में ऊर्जा संकट की आशंका गहराने लगी है।
चीन, जो ईरान के तेल का बड़ा आयातक है, उसने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है। अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान के बंदरगाहों से तेल और गैस की सप्लाई बाधित हो रही है, जिससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ रही है।
कूटनीतिक स्तर पर बढ़ी हलचल
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) भी होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की मांग लगातार उठा रहे हैं। इसके साथ ही वे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर भी जोर दे रहे हैं।
हाल ही में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर हुआ, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु कार्यक्रम जैसे जटिल मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद अमेरिका ने नाकेबंदी को और सख्त कर दिया, जिसकी चीन ने कड़ी आलोचना की है।
शांति और स्थिरता पर जोर
मैक्रों और मोदी की बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों देश न केवल क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों नेताओं ने इस संकट के समाधान के लिए आपसी सहयोग जारी रखने और कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने पर सहमति जताई।







