PM Modi Bengal Rally: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के बिष्णुपुर में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC ने संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 को पास नहीं होने दिया और “बंगाल की बेटियों को धोखा दिया”।
मोदी ने कहा कि ममता सरकार नहीं चाहती कि बंगाल की महिलाएं ज्यादा संख्या में सांसद बनें, इसलिए महिला आरक्षण से जुड़े कानून को रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने जनता से अपील की कि आने वाले विधानसभा चुनावों में इसका जवाब दिया जाए।
ममता बनर्जी का पलटवार
इधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने प्रधानमंत्री के बयान पर कड़ा जवाब दिया। उन्होंने PM के राष्ट्र के नाम संबोधन को “देश को गुमराह करने वाला” बताया।
ममता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि
“प्रधानमंत्री को इस तरह के संबोधन संसद से करना चाहिए। साथ ही आरोप लगाया कि PM ने सरकारी मंच का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए किया।”
https://x.com/MamataOfficial/status/2045754197891768400
हुगली जिले के तारकेश्वर में रैली के दौरान ममता ने कहा कि महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन को BJP के प्रचार में बदल दिया और इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी।
‘कट मनी’ और भ्रष्टाचार पर मोदी का आरोप
PM मोदी ने TMC सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में बिना “कट मनी” दिए कोई काम नहीं होता। उन्होंने कहा कि भय और भ्रष्टाचार के माहौल में निवेश नहीं आता और विकास रुक जाता है।
आदिवासी क्षेत्रों को लेकर भी घेरा
मोदी ने आरोप लगाया कि TMC के “जंगलराज” में आदिवासी बहुल जिले विकास से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट राज के कारण आदिवासियों की जमीन पर कब्जा किया जा रहा है और बुनियादी सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं।
बंगाल में चुनावी दौरे का महत्व
प्रधानमंत्री आज बंगाल में चार रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं—बिष्णुपुर और पुरुलिया के बाद झाड़ग्राम और मेदिनीपुर में कार्यक्रम तय हैं। ये वही इलाके हैं जहां BJP ने पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में मजबूत प्रदर्शन किया था, इसलिए इन रैलियों को रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर पश्चिम बंगाल की सियासत में महिला आरक्षण, भ्रष्टाचार और विकास जैसे मुद्दों पर BJP और TMC के बीच सीधा टकराव तेज हो गया है। एक ओर PM मोदी TMC पर “धोखा” और “भ्रष्टाचार” के आरोप लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर ममता बनर्जी इसे राजनीतिक प्रचार और जनता को गुमराह करने की कोशिश बता रही हैं। आने वाले चुनावों में यह मुद्दा बड़ा चुनावी हथियार बन सकता है।







