US-Iran Talks in Islamabad: ईरान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ संभावित बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने की तैयारी में है। यह वार्ता मौजूदा तनाव को कम करने और किसी कूटनीतिक समाधान की दिशा में अहम मानी जा रही है। हालांकि, इस पहल से पहले ही ईरान की ओर से एक सख्त शर्त सामने आ गई है, जिसने पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है।
वेंस की मौजूदगी पर अड़ी ईरान की शर्त
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबर (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने साफ कहा है कि वह इस वार्ता में तभी शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (J. D. Vance) भी बैठक में मौजूद रहें।
उनके इस बयान से साफ संकेत है कि ईरान इस बातचीत को उच्च स्तर पर ले जाकर ठोस नतीजा चाहता है, न कि केवल औपचारिक चर्चा।
वेंस के दौरे पर टिकी वार्ता की दिशा
रिपोर्ट्स के अनुसार, जेडी वेंस मंगलवार को पाकिस्तान पहुंच सकते हैं। ऐसे में ईरानी डेलिगेशन की भागीदारी भी उनके दौरे पर निर्भर मानी जा रही है।

अगर वेंस इस्लामाबाद आते हैं, तो यह बैठक दोनों देशों के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
पाकिस्तान की तैयारी: हाई अलर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था
इस संभावित वार्ता को लेकर पाकिस्तान ने सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के स्तर पर बड़े इंतजाम किए हैं। सेरेना होटल इस्लामाबाद (Serena Hotel Islamabad) को पूरी तरह खाली करा लिया गया है, जहां बैठक होने की संभावना है।
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी (Mohsin Naqvi) ने “फूलप्रूफ” सुरक्षा का दावा किया है। इस्लामाबाद में हजारों अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जबकि एयरपोर्ट से लेकर होटल तक विशेष सुरक्षा कॉरिडोर बनाए गए हैं।
संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है और वीआईपी मूवमेंट के दौरान ट्रैफिक रूट्स में भी बदलाव की तैयारी है।
कूटनीति का अहम मोड़
ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच यह वार्ता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अगर दोनों पक्ष इस्लामाबाद में आमने-सामने बैठते हैं, तो यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा संकेत हो सकता है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या जेडी वेंस पाकिस्तान पहुंचते हैं। क्योंकि उसी पर इस बातचीत का भविष्य निर्भर करेगा।






