Iran US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव फिलहाल थमा जरूर है, लेकिन हालात अब भी बेहद नाजुक बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान के साथ चल रहे सीजफायर को बढ़ाने का ऐलान किया है, हालांकि इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया है कि ईरान पर सैन्य नाकेबंदी जारी रहेगी।
ट्रंप के मुताबिक, यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) और आर्मी चीफ असीम मुनीर (Asim Munir) के अनुरोध के बाद लिया गया है। दोनों नेताओं ने अमेरिका से अपील की थी कि बातचीत को मौका देने के लिए सैन्य कार्रवाई रोकी जाए। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की सरकार इस समय “गंभीर रूप से बिखरी हुई” है और कोई स्पष्ट प्रस्ताव सामने नहीं आया है, इसलिए सीजफायर बढ़ाया गया है लेकिन सैन्य तैयारियां जारी हैं।
नाकेबंदी बनी सबसे बड़ा दबाव
सीजफायर के बावजूद अमेरिका ने अपनी सबसे बड़ी रणनीतिक चाल नाकेबंदी को बरकरार रखा है। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) और ईरानी बंदरगाहों के आसपास कड़ी निगरानी और नियंत्रण जारी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ईरान की आर्थिक ताकत को कमजोर करने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खार्ग आइलैंड पर तेल भंडारण क्षमता जल्द भर सकती है, जिससे उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
बातचीत पर अनिश्चितता
कूटनीतिक मोर्चे पर भी स्थिति साफ नहीं है। इस्लामाबाद में प्रस्तावित अगली वार्ता अब तक तय नहीं हो सकी है। ईरान ने अमेरिकी रुख को “विरोधाभासी” बताते हुए जल्दबाजी में बातचीत से इनकार किया है। ईरानी नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि बातचीत के दौरान किसी भी तरह का हमला वैश्विक स्तर पर खतरनाक संकेत होगा।
तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका ने कथित तौर पर एक ईरानी कार्गो जहाज को जब्त कर लिया। इसके बाद तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी है।
यूरोप भी हुआ सक्रिय
उधर, यूरोप भी इस संकट को लेकर हरकत में आ गया है। यूनाइटेड किंगडम (UK) और फ्रांस ने 30 से अधिक देशों के सैन्य योजनाकारों की बैठक बुलाई है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और चालू रखने की रणनीति पर चर्चा होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही सीजफायर लागू है, लेकिन जमीनी हकीकत अभी भी “शांति के नीचे छिपी जंग” जैसी बनी हुई है। जहां एक तरफ बातचीत की कोशिशें हैं, तो दूसरी तरफ दबाव और चेतावनियों का दौर जारी है।






