White House Allies-Enemies List: व्हाइट हाउस “आदर्श सहयोगी” देशों को पुरस्कार देने और ईरान युद्ध का समर्थन करने से इनकार करने वालों को सजा देने पर विचार कर रहा है। व्हाइट हाउस ने नाटो की “अच्छे और बुरे” देशों की सूची तैयार की है, जिसमें सदस्य देशों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है। व्हाइट हाउस इस बात पर विचार कर रहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध का समर्थन करने वाले देशों को कैसे पुरस्कृत किया जाए और समर्थन न करने वालों को कैसे दंडित किया जाए।
मार्क रुट्टे की यात्रा से पहले तैयार दस्तावेज
यह आंतरिक दस्तावेज नाटो महासचिव मार्क रुट्टे की हाल ही में वाशिंगटन यात्रा से पहले तैयार किया गया था। इसमें कथित तौर पर नाटो में सदस्यों के योगदान का ब्यौरा दिया गया है जो ईरान युद्ध को लेकर पेंटागन के उस रुख को दर्शाता है जिसमें “आदर्श सहयोगी” देशों को “विशेष रियायत” देने की बात कही गई है, जबकि अन्य देशों को “परिणाम भुगतने” के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।
सजा के संभावित विकल्पों पर चर्चा
व्हाईट हाउस की तरफ से अभी तक सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि किस तरह की सजा उन देशों को दी जाएगी जिन्होंने अमेरिका का समर्थन नहीं किया है । व्हाईट हाउस से जुड़े अधिकारियों ने कहा है कि विकल्पों में सैनिकों की तैनाती में बदलाव, सैन्य अभ्यासों में कटौती या “बुरे” सदस्यों से सैन्य सहयोग हटाकर अधिक भरोसेमंद सदस्यों की ओर मोड़ना शामिल हो सकता है।
ट्रंप-नाटो बैठक और पूर्वी यूरोप को फायदा
ट्रंप की नाटो प्रमुख के साथ बैठक ‘बेहद खराब रही है इससे पोलैंड और रोमानिया जैसे देशों को फायदा हो सकता है, जिन्हें ट्रम्प का चहेता माना जाता है। पोलैंड में पहले ही लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जबकि रोमानिया के विस्तारित मिहाइल कोगाल्निसेनु वायु सेना अड्डे को संभावित स्थल के रूप में चुना गया है जहां और अधिक अमेरिकी सेनाएं तैनात की जा सकती हैं।
यूरोपीय देशों के रक्षा खर्च पर ट्रंप की नाराजगी
ट्रंप यूरोपीय नाटो सदस्यों की इस बात के लिए आलोचना करते रहे हैं कि वे अपनी “रक्षा” के लिए पर्याप्त खर्च नहीं कर रहे हैं, जबकि वे रूस के साथ संघर्ष में युक्रेन को हथियारबंद करने, वित्तपोषण करने और समर्थन देने के लिए अरबों-खरबों डॉलर खर्च कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, उन्हीं सरकारों में से कई ने रूस के बढ़ते खतरे का हवाला देते हुए नए सैन्यीकरण और बड़े सैन्य बजट को उचित ठहराया है।
ईरान मुद्दे पर नाटो में गहराते मतभेद
अब ईरान को लेकर मतभेद और गहरा गया है। स्पेन स्पष्ट रूप से विरोध करने वाले देशों में से एक था, जबकि ब्रिटेन और फ्रांस ने भी अमेरिका से समर्थन के अनुरोधों को अस्वीकार या टाल दिया था। रोमानिया और बुल्गारिया सहित अन्य देशों को सैन्य अड्डे बनाने या रसद आपूर्ति में अधिक सहायक बताया गया।
नाटो को लेन-देन वाली व्यवस्था में बदलने की रणनीति
ट्रंप को नाटो से औपचारिक रूप से बाहर निकले बिना उसे खोखला करने का एक और तरीका दे सकती है और संधि को एक खुले तौर पर लेन-देन वाली व्यवस्था में बदल सकती है।
ट्रंप का सख्त रुख और विवादित बयान
ट्रंप ने उन नाटो सदस्यों के प्रति अपनी घृणा को कभी नहीं छिपाया जिन्हें वे मुफ्तखोर या कायर मानते हैं। इस महीने की शुरुआत में, उन्होंने ईरान के साथ लड़ाई में शामिल होने की नाटो की अनिच्छा की कड़ी आलोचना की, जबकि रुट्टे को ट्रंप को “डैडी” कहने पर पहले ही उपहास का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें एक बार फिर मामले को सुलझाने की कोशिश करनी पड़ी।






