West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान गुरुवार को समाप्त हो गया। चुनाव आयोग के अनुसार, रात 10 बजे तक इस चरण में 92.54% मतदान दर्ज किया गया। भारी वोटिंग के बीच कई जगहों पर छिटपुट तनाव और राजनीतिक झड़पों की भी खबरें सामने आईं, हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
152 सीटों पर मतदान, 1,478 उम्मीदवार मैदान में
पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। पूरे दिन मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जिससे साफ है कि लोगों में चुनाव को लेकर जबरदस्त उत्साह रहा।
44,376 बूथों पर वोटिंग, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस चरण में कुल 44,376 मतदान केंद्र बनाए गए थे, जिनमें करीब 3,000 सहायक बूथ शामिल थे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए बड़ी संख्या में केंद्रीय और राज्य पुलिस बल की तैनाती की गई थी, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके।
कई जगहों पर झड़प और तनाव भरा माहौल
हालांकि मतदान अधिकांश जगह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ इलाकों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच छिटपुट झड़प और तनाव की घटनाएं सामने आईं। अलग-अलग राजनीतिक दलों ने एक-दूसरे पर धांधली और डराने-धमकाने के आरोप भी लगाए हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि सभी संवेदनशील मामलों पर तुरंत कार्रवाई की गई और स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
7,384 संवेदनशील बूथों पर कड़ी निगरानी
चुनाव आयोग ने इस चरण में 7,384 बूथों को अत्यधिक संवेदनशील घोषित किया था। इन इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी और लगातार निगरानी रखी गई, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
3.60 करोड़ मतदाताओं ने किया मतदान
इस चरण में लगभग 3.60 करोड़ मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुबह से ही मतदान केंद्रों पर उत्साह का माहौल रहा और दिन चढ़ने के साथ वोटिंग प्रतिशत लगातार बढ़ता गया।
महिला बूथ और मॉडल केंद्र बने आकर्षण
इस बार चुनाव में 5,444 बूथों का संचालन पूरी तरह महिला कर्मियों के हाथों में रहा, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इसके अलावा 207 मॉडल बूथ भी बनाए गए, जहां बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
TMC बनाम BJP में सीधा मुकाबला
पहले चरण में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच देखा गया। दोनों दलों ने एक-दूसरे पर जमकर आरोप-प्रत्यारोप किए और चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी।
दूसरे चरण पर टिकी नजरें
पहले चरण के मतदान के बाद अब सभी की निगाहें दूसरे चरण पर हैं, जो अगले बुधवार को आयोजित किया जाएगा। सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों को लेकर चुनाव आयोग ने प्रक्रिया तेज कर दी है।








