West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कोलकाता के दमदम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “TMC का दीया बुझने वाला है और बुझता दीया फड़फड़ाता जरूर है।”
पीएम मोदी ने दावा किया कि राज्य में परिवर्तन की लहर साफ दिखाई दे रही है और पहले चरण की रिकॉर्ड वोटिंग ने इस पर मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है और आने वाले चरणों में यह रुझान और स्पष्ट होगा।
लोकतंत्र और हिंसा पर सीधा वार
प्रधानमंत्री ने TMC पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा,
“जिस बंगाल में लोकतंत्र के मंदिर को कुचल दिया गया था, वहां जनता ने पहले चरण में लोकतंत्र का पुनर्निर्माण किया है। अब दूसरे चरण में विजय ध्वज फहराना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नतीजों के बाद TMC से जुड़े “गुंडों” को छिपने की जगह नहीं मिलेगी, जिससे चुनावी माहौल और गरमा गया है।
महिला आरक्षण पर BJP का जोर
रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को उनका अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है और “बेटियों के सपनों को कुचलने नहीं देगी।”
अमित शाह का दावा – 110 सीटों पर बढ़त
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बड़ा दावा करते हुए कहा कि पहले चरण की 152 सीटों में से बीजेपी 110 सीटों पर आगे चल रही है। उन्होंने कहा,
“बंगाल में बंपर वोटिंग भय से भरोसे की यात्रा है। 4 मई को राज्य में BJP की सरकार बनेगी और मुख्यमंत्री बंगाल का ही कार्यकर्ता होगा।”
रिकॉर्ड वोटिंग से बढ़ी सियासी हलचल
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के दौरान रिकॉर्ड 92.72% मतदान ने सियासी तापमान को और बढ़ा दिया है। 152 सीटों पर हुए इस भारी मतदान को सभी राजनीतिक दल अपने-अपने पक्ष में बता रहे हैं और इसे जनसमर्थन का संकेत मान रहे हैं। अब चुनावी नजरें दूसरे चरण पर टिक गई हैं, जिसकी वोटिंग 29 अप्रैल को होनी है, जबकि पूरे चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
मुकाबला निर्णायक दौर में
दमदम रैली के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने साफ संकेत दिया कि बीजेपी इस बार बंगाल में सत्ता परिवर्तन को लेकर पूरी तरह आक्रामक है। वहीं TMC पर लगातार हमलों से यह भी स्पष्ट है कि चुनावी मुकाबला अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है, जहां हर बयान और हर वोट अहम भूमिका निभाने वाला है।








