अमेरिका-ईरान जंग से भारत को बड़ा नुकसान, दबाव में विदेशी संस्थागत निवेशकों ने खींचा हाथ

FIIs Exit Intensifies: विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से अपना मुंह फेरते नजर आ रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 1,75,089 करोड़ रुपए के शेयर बेच दिए। हफ्ते का अंत विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से भारी बिकवाली के साथ हुआ।

शुक्रवार को खत्म हुए पांच कारोबारी दिनों में इन निवेशकों ने 17,140 करोड़ रुपए के घरेलू शेयर बेच दिए। अप्रैल में अब तक विदेशी निवेशकों की शेयर बिक्री बढ़कर 43,967 करोड़ रुपए हो गई है, जिससे 2026 में कुल बिक्री 1,75,089 करोड़ रुपये के भारी-भरकम आंकड़े तक पहुंच गई है।

कई दिनों तक बाजार में पॉजिटिव माहौल रहने के बाद बीते सप्ताह के आखिरी तीन दिनों में भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट देखी गई। तीन सत्रों की गिरावट से निवेशकों की संपत्ति 7.17 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। इस दौरान बीएसई सेंसेक्स तीन प्रतिशत से अधिक टूट गया।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं को बढ़ा दिया है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। तीन सत्रों में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2,609.12 अंक या 3.29 प्रतिशत टूट गया।

अगले सप्ताह US फेडरल ओपन मार्केट कमेटी और बैंक ऑफ जापान के रेट फैसले तथा उसके बाद केंद्रीय बैंकों की टिप्पणियां भी आने वाली हैं। इसका असर ग्लोबल इक्विटी मार्केट और संस्थागत गतिविधियों पर भी पड़ेगा। बता दें कि US फेडरल रिजर्व की रेट तय करने वाली समिति 28 और 29 अप्रैल को US-ईरान युद्ध के मौजूदा हालात को देखते हुए नीतिगत फैसलों पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक करेगी। नीतिगत फैसलों की घोषणा बुधवार, 29 अप्रैल को की जाएगी।

Prem Upadhyay

प्रेम उपाध्याय न्यूज प्लस लाइव में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे मार्च 2026 से संगठन की डिजिटल विंग के साथ जुड़े हुए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रणनीति व निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, प्रेम ने लाइव इंडिया, 4 रियल न्यूज और फोकस टीवी जैसे विभिन्न न्यूज चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्राइम, बिजनेस, डिफेंस, राजनीति और मनोरंजन जैसे विविध बीट्स पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और खबरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की गहन जांच व तथ्यों के सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

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