Trump warns Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह युद्ध खत्म करने और सीजफायर पर सहमति नहीं देता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान के पास समझौते के लिए बहुत सीमित समय बचा है और अगर वह तीन दिन के भीतर तैयार नहीं होता, तो “बड़ी कार्रवाई” की जा सकती है।
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि मौजूदा हालात में ईरान पर दबाव बढ़ता जा रहा है। उनके मुताबिक, अगर तेल निर्यात बाधित रहता है तो पाइपलाइनों और ऊर्जा ढांचे पर गंभीर तकनीकी दबाव बन सकता है, जिससे सिस्टम को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर ईरान का तेल व्यापार पहले से ही बाधाओं का सामना कर रहा है, और ऐसे में किसी भी तरह की देरी उसके लिए और ज्यादा मुश्किलें खड़ी कर सकती है।
ईरान का सख्त रुख बरकरार
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका की शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसका न्यूक्लियर कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे मुद्दे उसकी “रेड लाइन” हैं और इन पर किसी भी प्रकार का समझौता संभव नहीं है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, यह संदेश पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है, हालांकि इसे औपचारिक बातचीत नहीं बल्कि कूटनीतिक स्थिति स्पष्ट करने की प्रक्रिया बताया गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी संकेत दिया है कि देश अपने रणनीतिक फैसलों पर कोई समझौता नहीं करेगा।
चीन और वैश्विक प्रतिक्रिया
ट्रंप ने अपने बयान में चीन की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर चीन ईरान को किसी तरह की मदद करता है तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इसका प्रभाव सीमित रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई हलचल देखी जा सकती है।






