भारत के किसानों को राहत देगा रूस का साथ: भारत-रूस के बीच यूरिया उत्पादन संयंत्र पर बड़ा समझौता

India-Russia urea agreement: भारत और रूस मिलकर लगभग 2 अरब डॉलर की लागत से एक यूरिया उत्पादन संयंत्र स्थापित करने की योजना पर विचार कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह प्रस्तावित परियोजना रूस की कंपनी उरालकेम और भारतीय कंपनियों इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL), राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) और नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) के संयुक्त उद्यम के रूप में विकसित की जा सकती है। इस संयंत्र के रूस के तोग्लियाटी क्षेत्र में स्थापित होने की संभावना जताई जा रही है।

भारत और कई देशों के बीच उर्वरक आपूर्ति में वैश्विक अस्थिरता के चलते दबाव बढ़ा है। खासकर मध्य पूर्व में तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन बाधाओं के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिससे भारत वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की ओर बढ़ रहा है।

इंडियन पोटाश लिमिटेड ने वर्ष 2025 के लिए लगभग 25 लाख टन यूरिया की खरीद के समझौतों की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि यह आंकड़ा भारत की कुल आयात जरूरत का बड़ा हिस्सा नहीं बल्कि सीमित हिस्सा है, क्योंकि भारत हर साल लगभग 7 से 10 मिलियन टन (70–100 लाख टन) यूरिया का आयात करता है।

भारत दुनिया के सबसे बड़े यूरिया उपभोक्ता और आयातक देशों में शामिल है। देश का घरेलू उत्पादन मुख्य रूप से प्राकृतिक गैस पर आधारित है, जिसकी बड़ी मात्रा मध्य पूर्व और अन्य क्षेत्रों से आयात की जाती है।

उद्योग विशेषज्ञों और रेटिंग एजेंसी ICRA के अनुमान के अनुसार, आने वाले वर्षों में भारत की यूरिया मांग में वृद्धि के चलते आयात पर निर्भरता बढ़ सकती है और 2030 तक यह लगभग 25–30% तक पहुंच सकती है।

वैश्विक आपूर्ति दबाव, चीन द्वारा समय-समय पर निर्यात प्रतिबंध और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत रूस, बेलारूस और मोरक्को जैसे देशों से उर्वरक आयात को विविध बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है, ताकि कृषि क्षेत्र को स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

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Prem Upadhyay

प्रेम उपाध्याय न्यूज प्लस लाइव में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे मार्च 2026 से संगठन की डिजिटल विंग के साथ जुड़े हुए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रणनीति व निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, प्रेम ने लाइव इंडिया, 4 रियल न्यूज और फोकस टीवी जैसे विभिन्न न्यूज चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्राइम, बिजनेस, डिफेंस, राजनीति और मनोरंजन जैसे विविध बीट्स पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और खबरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की गहन जांच व तथ्यों के सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

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