EVM Tape Controversy in Bengal: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण की वोटिंग के बीच EVM पर टेप लगाए जाने के आरोपों ने चुनावी माहौल गरमा दिया है। बीजेपी की शिकायत और वायरल वीडियो के बाद अब चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है और साफ संकेत दिया है कि जहां गड़बड़ी साबित होगी, वहां दोबारा मतदान (रीपोल) कराया जा सकता है।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा है कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पुनर्मतदान संभव है, लेकिन यह पूरी तरह जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।
क्या है पूरा मामला?
बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कुछ पोलिंग बूथों पर पार्टी के चुनाव चिह्न को टेप से ढक दिया गया, जिससे मतदाता बीजेपी को वोट न दे सकें। उन्होंने फलता विधानसभा क्षेत्र के एक बूथ का वीडियो भी शेयर किया।
फलता सीट पहले से ही विवादों में है, जहां टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान और यूपी से आए ऑब्जर्वर IPS अजय पाल शर्मा के बीच तनातनी की खबरें सामने आई थीं।
चुनाव आयोग का रुख क्या है?
चुनाव आयोग ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट कहा है कि जहां भी EVM पर काला या सफेद टेप पाया जाएगा, वहां तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान (रीपोल) कराया जाएगा।
वहीं, अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आते हैं, तो पूरे क्षेत्र में भी पुनर्मतदान संभव है। उन्होंने दोहराया कि चुनाव आयोग की “जीरो टॉलरेंस” नीति लागू है और EVM के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पहले से थे सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने पहले ही निर्देश दिए थे कि मतदान से पहले EVM पर सभी उम्मीदवारों के नाम साफ दिखाई देने चाहिए। किसी भी बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य तरीके से ढकना गंभीर चुनावी अपराध माना जाएगा।
राजनीतिक पारा हाई
बीजेपी ने प्रभावित बूथों पर तुरंत रीपोल की मांग की है, जबकि टीएमसी की ओर से इस पर अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है।
फिलहाल पूरे राज्य में दोबारा मतदान का फैसला नहीं हुआ है, लेकिन जिन बूथों पर गड़बड़ी की पुष्टि होगी, वहां रीपोल लगभग तय माना जा रहा है। अब सबकी नजर चुनाव आयोग की जांच रिपोर्ट पर टिकी है।






