US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अगले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में एक बार फिर अहम बातचीत हो सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों देशों के बीच बैकचैनल डिप्लोमेसी जारी है और एक संभावित समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि यह बैठक पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
14 प्वाइंट समझौते पर चल रही चर्चा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और ईरान 14 बिंदुओं वाले एक ड्राफ्ट समझौते पर काम कर रहे हैं। इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव कम करने, क्षेत्रीय सुरक्षा और हाईली एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह ड्राफ्ट आगे चलकर औपचारिक शांति वार्ता की आधारशिला बन सकता है।
ट्रंप बोले- तेहरान के जवाब का इंतजार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें ईरान की तरफ से जल्द जवाब मिलने की उम्मीद है। ट्रंप ने संकेत दिए कि अगर बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है तो संघर्ष विराम को और लंबा किया जा सकता है। अमेरिका की कोशिश है कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को स्थायी रूप से शांत किया जाए।
न्यूक्लियर प्रोग्राम पर झुकने को तैयार नहीं ईरान
ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह बंद करने या हाईली एनरिच्ड यूरेनियम पर किसी तरह का समझौता करने के पक्ष में नहीं है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा और ऊर्जा जरूरतों से जुड़ा विषय है और इस पर किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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होर्मुज स्ट्रेट बना सबसे बड़ा मुद्दा
अमेरिका चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू हों। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है। यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों पर असर पड़ा है और कई देशों की अर्थव्यवस्था दबाव में आ गई है।
पाकिस्तान निभा रहा मध्यस्थ की भूमिका
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इससे पहले भी इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हो चुकी है, हालांकि कोई ठोस समझौता नहीं हो पाया था। अब दूसरे दौर की संभावित वार्ता को काफी अहम माना जा रहा है।
अमेरिका बना रहा लगातार दबाव
उधर अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका कड़ा रुख अपना सकता है। वहीं ईरान भी अपने रुख पर कायम है। ऐसे में अगले हफ्ते होने वाली संभावित वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसका असर वैश्विक राजनीति, तेल बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है।
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