Hantavirus Alert: अटलांटिक महासागर में एक क्रूज जहाज पर हंतावायरस के प्रकोप ने वैश्विक मीडिया का ध्यान खींच लिया है और कोविड महामारी जैसी आशंकाओं के बीच लोगों में दहशत पैदा कर दी है। नीदरलैंड के झंडे वाले यात्री जहाज एमवी होंडियस को बुधवार को कैनरी द्वीप समूह में डॉक करने की अनुमति दे दी गई, जबकि इससे पहले केप वर्डे में तीन यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था।
WHO ने आठ मामलों की पुष्टि की, तीन लोगों की मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, 1 अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से रवाना होने के बाद से एमवी होंडियस पर सवार लोगों में हंतावायरस संक्रमण के मामले सामने आए। अब तक जहाज से जुड़े आठ मामलों की पहचान हुई है, जिनमें छह पुष्ट और दो संदिग्ध मामले शामिल हैं। इस संक्रमण से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक मरीज की हालत गंभीर बताई जा रही है। कम से कम तीन अन्य लोगों में भी लक्षण पाए गए हैं।
ब्रिटेन ने मेडिकल टीम और पैराट्रूपर्स भेजे
डच ध्वज वाले इस क्रूज पोत से उतरने वाले मरीजों को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। कोरोना जैसे खतरनाक संक्रमण की आशंका के बीच ब्रिटेन ने भी सक्रिय कदम उठाए हैं। ब्रिटिश सेना ने सुदूर द्वीप ट्रिस्टन दा कुन्हा पर संदिग्ध हंतावायरस संक्रमित मरीज के इलाज के लिए पैराट्रूपर्स के साथ डॉक्टरों की एक विशेष टीम को हवाई मार्ग से भेजा है। बताया जा रहा है कि यह मरीज उन्हीं यात्रियों में शामिल था, जो घातक प्रकोप की पुष्टि होने से पहले एमवी होंडियस से उतर गए थे।
संपर्क में आए लोगों की तलाश जारी
स्वास्थ्य अधिकारी उन करीब दो दर्जन लोगों के संपर्कों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जो 24 अप्रैल को सेंट हेलेना द्वीप पर उतरे थे। इसके साथ ही पहले मृतक के शव की तलाश भी जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि संक्रमण का दायरा और बढ़ सकता है।
ये भी पढ़ेंः
‘मैं IPS अजय पाल शर्मा से बिना शर्त माफी मांगता हूं’, निलंबन के बाद बदले रिजु दत्ता के तेवर
“प्लेग जहाज” कहे जा रहे एमवी होंडियस पर 23 देशों के लोग सवार थे
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने अब इस क्रूज लाइनर को “प्लेग जहाज” कहना शुरू कर दिया है। जहाज पर शुरुआत में 23 देशों के कुल 175 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। इसी दौरान इस दुर्लभ रोगजनक का प्रकोप फैल गया, जो आमतौर पर संक्रमित कृंतकों (चूहों) के मल या मूत्र के संपर्क से फैलता है।
एंडीज स्ट्रेन से फैला संक्रमण, इंसान से इंसान में फैलने की आशंका
विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रकोप हंतावायरस के एंडीज स्ट्रेन के कारण हुआ है। यह हंतावायरस का एकमात्र ऐसा स्ट्रेन माना जाता है, जो निकट संपर्क के माध्यम से इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। इसी वजह से स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है।
70 वर्षीय डच नागरिक को माना जा रहा पहला संक्रमित
माना जा रहा है कि पहला संक्रमित व्यक्ति 70 वर्षीय डच नागरिक था, जिसकी बाद में इस बीमारी से मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह एक पक्षी विज्ञानी था और जहाज पर सवार होने से पहले अर्जेंटीना के उशुआइया शहर के पास एक कचरागाह क्षेत्र में पक्षियों का अवलोकन करने गया था।
बताया जा रहा है कि वहां उसने और उसकी पत्नी ने संभवतः स्थानीय चूहों के मल से निकले संक्रमित कणों को सांस के जरिए अंदर ले लिया होगा। बाद में उसकी पत्नी की भी संक्रमण से मौत हो गई।
ये भी पढ़ेंः






