Asansol Violence: पश्चिम बंगाल के आसनसोल में शुक्रवार रात लाउडस्पीकर की आवाज कम करने के निर्देश के बाद हिंसक झड़प हो गई। आसनसोल के रेलपार इलाके में बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी पहुंच गए और वहां जमकर पथराव व तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
जानकारी के मुताबिक, राज्य सरकार के निर्देश पर पुलिस प्रशासन ने आसनसोल के कई इलाकों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज सीमित रखने को कहा था। इसी को लेकर दिन में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत भी हुई थी, लेकिन शाम होते-होते मामला तनावपूर्ण हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने पुलिस चौकी पर पथराव किया और पुलिस के साथ-साथ आम लोगों के वाहनों में भी तोड़फोड़ की। इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। हालात को देखते हुए इलाके में भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है।
पुलिस के डिप्टी कमिश्नर वी.जी. सतीश पुस्यमर्थी ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बंगाल में पहले भी हो चुकी हैं हिंसक घटनाएं
6 मई को भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
5 मई को TMC कार्यालय में तोड़फोड़ और लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने का मामला सामने आया था।
23 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दौरान भी कई जगहों पर हिंसा और हंगामे की घटनाएं हुई थीं।
सुवेंदु सरकार के फैसलों को लेकर भी विवाद
राज्य में धार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसके अलावा स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ अनिवार्य करने, सीमा फेंसिंग के लिए BSF को जमीन ट्रांसफर करने और BNS लागू करने जैसे फैसलों को लेकर भी राजनीतिक बहस तेज है।






