Prayagraj Crime News: महाकुंभ 2025 के सफल आयोजन को लेकर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रयागराज में विश्वस्तरीय विकास कार्य किए। सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर का एयरपोर्ट, 13 नए विकसित रेलवे स्टेशन और अस्थायी बस अड्डों का निर्माण कराया। एक तरफ प्रशासन विकास कार्यों में जुटा था, वहीं दूसरी तरफ विकास की रफ्तार के साथ प्रयागराज में प्रॉपर्टी की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई।
अतीक अहमद की मौत के बाद प्रयागराज में प्रॉपर्टी पर कब्जे को लेकर गैंगवार तेज हो गई है। पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2023 से 2026 के बीच इस संघर्ष में 8 से 12 हत्याएं हो चुकी हैं। सबसे ताजा मामला आबिद प्रधान के भतीजे की हत्या का बताया जा रहा है, जिसकी अगस्त 2026 में हत्या कर दी गई। प्रयागराज के नैनी इलाके में प्रॉपर्टी डीलर अजहरुद्दीन की हत्या को भी इसी गैंगवार से जोड़कर देखा जा रहा है।
अप्रैल 2023 से अगस्त 2026 तक प्रयागराज में अतीक के वर्चस्व और प्रॉपर्टी से जुड़े 8-12 हत्याकांड मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए हैं। हालांकि, असल संख्या इससे ज्यादा होने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई मामलों को “आपसी रंजिश” बताकर दर्ज किया गया।
2023-2024 के दौरान उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद, अशरफ और असद मारे गए। इसके बाद उनके 2-3 करीबी शूटर भी एनकाउंटर या गैंगवार में मारे गए। वहीं 2025-2026 के दौरान लूकरगंज इलाके में अतीक का बेनामी फ्लैट मिलने के बाद ऐसी संपत्तियों पर कब्जे को लेकर स्थानीय स्तर पर 5-6 हत्याओं की खबरें सामने आईं। सबसे ताजा मामला आबिद प्रधान के भतीजे की हत्या का है।
क्यों हो रही हैं हत्याएं?
प्रयागराज में जारी गैंगवार की तीन मुख्य वजहें मानी जा रही हैं। इनमें सबसे बड़ी वजह अतीक की करीब 1100 करोड़ रुपए की बेनामी संपत्तियों पर कब्जे की लड़ाई बताई जा रही है। अतीक ने अपनी घोषित संपत्ति करीब 25 करोड़ रुपए बताई थी, जबकि सरकार अब तक 1169 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त कर चुकी है। इसके बावजूद प्रयागराज में करोड़ों रुपए के सैकड़ों प्लॉट और फ्लैट अब भी “बेनामी” बताए जाते हैं। अतीक की मौत के बाद इन्हीं संपत्तियों पर कब्जे को लेकर संघर्ष तेज हो गया है।
इसके अलावा पुरानी दुश्मनी भी इस गैंगवार की बड़ी वजह मानी जा रही है। बताया जाता है कि अतीक ने आबिद प्रधान के दामाद का अपहरण कराया था। वहीं पुलिस कार्रवाई के बाद गैंग टूटने से छोटे गुर्गे और स्थानीय गिरोह आपस में ही भिड़ रहे हैं।
असल में अतीक के पास 1169 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति होने की बात सामने आ चुकी है, जिसका बड़ा हिस्सा अब भी बेनामी बताया जा रहा है। जब तक इन संपत्तियों को पूरी तरह जब्त नहीं किया जाता, तब तक प्रयागराज में खून-खराबा रोकना पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना रह सकता है।






