Political row over Rahul’s remark: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘गद्दार’ वाले बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा पलटवार किया है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी को “भारतीय राजनीति का राहु” बताते हुए कहा कि वह देश की राजनीति को दूषित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने राहुल के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और अराजकतावादी मानसिकता का प्रतीक बताया।
दरअसल, राहुल गांधी बुधवार को रायबरेली में आयोजित ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा, RSS और केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि जब RSS के कार्यकर्ता सामने आएं तो उनसे खुलकर कहिए कि “आपका प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और संगठन गद्दार है। आपने हिंदुस्तान को बेचने का काम किया है।”
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन का पलटवार
राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नितिन नवीन ने कहा कि भारतीय राजनीति में एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शालीनता की परंपरा रही है, लेकिन राहुल गांधी लगातार उसे खत्म करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा,
“राहुल गांधी का बयान उनकी अराजकतावादी मानसिकता को दिखाता है। मैं मानता हूं कि राहुल भारतीय राजनीति के राहु हैं, जो देश की राजनीति को दूषित कर रहे हैं।”
नितिन नवीन ने कहा कि लगातार चुनावी हार और राजनीतिक निराशा अब राहुल गांधी के व्यवहार और भाषा में साफ दिखाई दे रही है।
राहुल बोले- देश में आर्थिक तूफान आने वाला है
रायबरेली की सभा में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि देश में जल्द “आर्थिक तूफान” आने वाला है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसे संभाल नहीं पाएंगे। राहुल गांधी ने कहा,
“जिस तरह नोटबंदी और कोविड के समय सरकार असफल रही, उसी तरह आने वाले समय में प्रधानमंत्री टीवी पर आकर हाथ जोड़ेंगे और कहेंगे कि गलती हो गई।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार आम जनता की समस्याओं को समझने में पूरी तरह विफल रही है।
अमेठी में भी मोदी सरकार पर बोला हमला
रायबरेली के अलावा राहुल गांधी अमेठी भी पहुंचे, जहां उन्होंने कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि देश में कारोबार बंद हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी (Giorgia Meloni) के साथ रील बनाने और “टॉफी खिलाने” में व्यस्त हैं।
राहुल ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश की आर्थिक सुरक्षा के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए और अब उसका असर कारोबार और रोजगार पर दिख रहा है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस को घेरा
राहुल गांधी के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे हमले किए।
फडणवीस बोले- राहुल “रिजेक्टेड माल”
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “रिजेक्टेड माल” हैं और जनता उन्हें लगातार नकार रही है।
गिरिराज सिंह का हमला
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सत्ता न मिलने की निराशा राहुल गांधी के बयानों में दिखाई दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल प्रधानमंत्री मोदी को नहीं, बल्कि देश का अपमान कर रहे हैं।
केशव मौर्य बोले- कांग्रेस की डूबती नाव नहीं बचेगी
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देकर कांग्रेस अपनी “डूबती नाव” नहीं बचा सकती।
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा- रायबरेली की जनता विकास चाहती है
योगी सरकार में मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी को “कन्फ्यूज राजनेता” बताते हुए कहा कि रायबरेली की जनता ने उन्हें विकास की उम्मीद से चुना था, लेकिन वह केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जनता अब राहुल गांधी की यात्राओं को विकास नहीं, बल्कि सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की आलोचना के मंच के रूप में देख रही है।
अनिल विज बोले- जनता सबसे बड़ा जज
हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने भी राहुल गांधी पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सबसे बड़ा निर्णायक होती है और जनता लगातार भाजपा के पक्ष में फैसला दे रही है। अनिल विज ने कहा,
“आप लगभग 95 चुनाव हार चुके हैं। जनता आपको नकार रही है और भाजपा को स्वीकार कर रही है। आपको जनता का फैसला मानना चाहिए।”
भाजपा ने गिनाईं मोदी सरकार की उपलब्धियां
नितिन नवीन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में आतंकवाद और नक्सलवाद पर सख्ती से कार्रवाई हुई है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया,
“क्या आतंकवाद खत्म करना गद्दारी है? क्या देश की सीमाओं को सुरक्षित रखना गद्दारी है? क्या दुनिया में तिरंगे का सम्मान बढ़ाना गद्दारी है?”
राजनीतिक बयानबाजी के बीच तेज हुई सियासी जंग
रायबरेली और अमेठी दौरे के दौरान राहुल गांधी के तीखे बयानों ने एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव को तेज कर दिया है। एक ओर राहुल गांधी केंद्र सरकार को आर्थिक और राजनीतिक मोर्चे पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं, तो वहीं भाजपा इसे कांग्रेस की “हताशा” और “निराशा” बता रही है। आने वाले समय में यह जुबानी जंग और तेज होने के आसार हैं, खासकर ऐसे वक्त में जब दोनों दल जनता के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में जुटे हुए हैं।






