मोदी ने तोड़ा नेहरू का रिकॉर्ड, लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने, NDA की अहम बैठक आज

Narendra Modi: नरेंद्र मोदी ने भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड दर्ज कर लिया है। वे अब देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने वाले नेता बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का 4398 दिनों का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया है।

नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और तब से वे लगातार इस पद पर बने हुए हैं। 10 जून तक उनके लगातार प्रधानमंत्री कार्यकाल के 4399 दिन पूरे हो चुके हैं। यह उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है।

नेहरू का ऐतिहासिक कार्यकाल

देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का कार्यकाल दो हिस्सों में रहा।
स्वतंत्रता के बाद 15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 तक वे प्रधानमंत्री रहे। इसके बाद 1952 के पहले आम चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद वे 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री बने।

इन दोनों अवधियों को मिलाकर उनका कुल निर्वाचित कार्यकाल 4398 दिन माना जाता था, जो अब तक एक रिकॉर्ड था।

 

लगातार बनाम कुल कार्यकाल का अंतर

लगातार कार्यकाल का अर्थ है बिना किसी रुकावट के एक ही पद पर बने रहना, जबकि कुल कार्यकाल में अलग-अलग अवधियों को जोड़कर गणना की जाती है।
नरेंद्र मोदी 2014 से लगातार प्रधानमंत्री पद पर हैं, इसलिए उनका पूरा वर्तमान कार्यकाल लगातार कार्यकाल की श्रेणी में आता है।

NDA की अहम बैठक आज

इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बीच आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में NDA संसदीय दल की महत्वपूर्ण बैठक भी हो रही है। इसमें एनडीए शासित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, भाजपा नेतृत्व और सहयोगी दलों के शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं।

बैठक में प्रधानमंत्री के इस रिकॉर्ड पर औपचारिक बधाई प्रस्ताव लाए जाने की संभावना है। साथ ही ‘विकसित भारत-2047’ के रोडमैप, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय, विकास योजनाओं और ‘ईज ऑफ लिविंग’ जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होगी।

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मोदी सरकार के 13 बड़े फैसले

नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में कई बड़े नीतिगत और ऐतिहासिक फैसले लिए गए, जिन्होंने देश की राजनीति, अर्थव्यवस्था और सामाजिक ढांचे पर गहरा असर डाला।

  • 1 जुलाई 2015: डिजिटल इंडिया – देश में डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान शुरू किया गया, जिससे सरकारी सेवाएं ऑनलाइन और तेज हुईं।
  • 29 सितंबर 2016: सर्जिकल स्ट्राइक – उरी हमले के बाद भारतीय सेना ने सीमा पार आतंकियों के ठिकानों पर कार्रवाई की, जिसे पहली बार सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया गया।
  • 8 नवंबर 2016: नोटबंदी – 500 और 1000 रुपए के नोट बंद कर दिए गए, जिससे देश की नकदी व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया।
  • 1 जुलाई 2017: GST लागू – पूरे देश में एक समान टैक्स प्रणाली लागू की गई।
  • 26 फरवरी 2019: बालाकोट एयर स्ट्राइक – पुलवामा हमले के जवाब में पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमला किया गया।
  • 31 जुलाई 2019: तीन तलाक कानून – एक बार में तीन तलाक को अपराध घोषित किया गया।
  • 5 अगस्त 2019: अनुच्छेद 370 हटाया गया – जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया और लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
  • 11 दिसंबर 2019: CAA कानून – पड़ोसी देशों से आए गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता देने की प्रक्रिया आसान की गई।
  • 2020–22: कोरोना और वैक्सीनेशन अभियान – देश में लॉकडाउन और बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया गया।
  • 28 मई 2023: नया संसद भवन – नए संसद भवन का उद्घाटन किया गया।
  • 9–10 सितंबर 2023: G20 सम्मेलन – भारत ने पहली बार G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
  • 22 जनवरी 2024: राम मंदिर – अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई और मंदिर आम जनता के लिए खोला गया।
  • 7 मई 2025: ऑपरेशन सिंदूर – पहलगाम हमले के बाद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की गई, जिसमें 100 से अधिक आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया।

भारत की आर्थिक स्थिति (2025)

साल 2025 में भारत ने जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का दावा किया। इस दौरान GDP ग्रोथ 8.2% तक पहुंची, महंगाई में गिरावट दर्ज की गई और बेरोजगारी दर भी 4.7% तक आ गई। भारत की अर्थव्यवस्था का कुल आकार लगभग 4.18 ट्रिलियन डॉलर (करीब ₹350 लाख करोड़) तक पहुंच गया।

जिन दो फैसलों पर सरकार को पीछे हटना पड़ा

  1. तीन कृषि कानून (2020–2021)
    किसानों के लंबे आंदोलन के बाद नवंबर 2021 में सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए।
  2. भूमि अधिग्रहण अध्यादेश (2014–2015)
    विपक्ष और किसान संगठनों के विरोध के कारण यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका और अगस्त 2015 में समाप्त हो गया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में कई बड़े फैसले और नीतिगत बदलाव हुए हैं, जिनका असर देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ा है। वे अब तक कई देशों के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भी प्राप्त कर चुके हैं

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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