Narendra Modi Talks to Captain Smith Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विमान हादसा टालकर 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से करीब 9 मिनट तक वीडियो कॉल पर बातचीत की। बातचीत के दौरान स्मित ने बताया कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने विमान को बचाने की कोशिश जारी रखी। उन्होंने कहा कि जब उन्हें लगा कि विमान नीचे जा रहा है, तब उन्हें पता था कि यह आखिरी मौका है।
‘मुझे पता था कि यह आखिरी मौका है’
कैप्टन स्मित ने पीएम मोदी को बताया कि विमान उड़ाते समय अचानक एक झटका लगा और वह नीचे गिर गए, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। इसके बावजूद उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान नीचे जा रहा है।
स्मित ने कहा, “मुझे पता था कि यह आखिरी मौका है। दरवाजा वहीं था और मैंने उसे खोल दिया। मैं मुश्किल समय में हनुमान चालीसा पढ़ता हूं और उस समय भी पढ़ रहा था। मुझे पता है कि भगवान ने ही हमें बचाया।”
पीएम मोदी ने कहा- पूरा देश आपके लिए प्रार्थना कर रहा था
बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था और उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहा था।
पीएम मोदी ने कहा कि उनके साहस और सूझबूझ से कई लोगों की जान बची। मोदी ने स्मित की मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई को भी प्रणाम किया और कहा कि उनके दिए संस्कारों की वजह से स्मित ने मुश्किल परिस्थिति में साहस दिखाया।
An unforgettable conversation with Captain Smit, filled with pride and emotions. pic.twitter.com/CCf46PKOWR
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2026
पीएम से बात करते हुए भावुक हुए स्मित
प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा, “आपका फोन आया, यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है। माफ कीजिए सर, मैं आपके सामने रो रहा हूं। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरी आपसे बात होगी।”
इस पर पीएम मोदी ने कहा कि स्मित ने इतना बड़ा काम किया है कि देश का हर नागरिक और दुनिया के लोग उनसे मिलना और बात करना चाहते हैं।
मोदी ने स्मित की पत्नी सोनलबेन से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस परिस्थिति में सोनलबेन इतनी शांति और हिम्मत से बात कर रही थीं, उसे देखकर वह भी हैरान थे।
UAE के अस्पताल में भर्ती हैं कैप्टन स्मित
कैप्टन स्मित फिलहाल UAE के अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सऊदी अरब से एयरलिफ्ट कर अबू धाबी लाया गया था। UAE में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल पहुंचकर कैप्टन स्मित और उनके परिवार से मुलाकात की थी।
राजदूत के मुताबिक, कैप्टन स्मित की हालत स्थिर है और वह तेजी से ठीक हो रहे हैं। उन्हें बेहतर इलाज मिल रहा है और भारतीय दूतावास लगातार स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
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पीएम मोदी पहले भी कर चुके हैं बहादुरी की तारीफ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले भी कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और सूझबूझ की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित ने धैर्य और साहस दिखाया।
मोदी ने बताया था कि इजराइल के प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि एक भारतीय ने 9/11 जैसी त्रासदी को रोकने में अहम भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित के माता-पिता और पत्नी से भी बात कर उनकी सेहत की जानकारी ली थी और हर संभव मदद का भरोसा दिया था।
नेतन्याहू और ट्रंप ने भी बताया हीरो
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी की तारीफ की और उन्हें सच्चा हीरो बताया। उनके मुताबिक, स्मित की कार्रवाई से विमान में सवार 174 लोगों की जान बचाने में मदद मिली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कैप्टन स्मित को हीरो बताते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की।
स्पाइसजेट में 11 साल से ज्यादा काम कर चुके हैं स्मित
फ्लाईदुबई से पहले कैप्टन स्मित मच्छर ने 11 साल से ज्यादा समय तक स्पाइसजेट में काम किया। इस दौरान उन्होंने 9,500 घंटे से ज्यादा उड़ान भरी। इनमें 6,400 घंटे से ज्यादा समय उन्होंने पायलट-इन-कमांड के तौर पर उड़ान भरी।
उन्होंने जून 2022 में फ्लाईदुबई जॉइन की थी। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, उन्हें कमर्शियल विमान उड़ाने का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने बोइंग 737 विमान पर करीब 9,750 घंटे उड़ान भरी है।
इजराइल और गुजरात सरकार करेंगी सम्मानित
कैप्टन स्मित मच्छर को इजराइल की ओर से सम्मानित किए जाने की जानकारी सामने आई है। भारत में इजराइल के राजदूत रुवेन अजार ने इसकी जानकारी दी।
वहीं, गुजरात सरकार ने भी कैप्टन स्मित को ‘विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार’ से सम्मानित करने का ऐलान किया है।
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