Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) यानी शिवसेना (UBT) में चार साल बाद एक बार फिर बड़ी बगावत की स्थिति बन गई है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों के बागी होने और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने की अटकलों ने उद्धव ठाकरे खेमे की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे छह सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर शिंदे गुट में विलय की इच्छा जताई है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक लोकसभा स्पीकर या बागी सांसदों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भड़के संजय राउत
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद संजय राउत अपना आपा खो बैठे। उन्होंने बगावत करने की तैयारी कर रहे सांसदों पर तीखा हमला बोला और उनके लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। राउत ने कहा,
“सांसद और विधायक के पद आते-जाते रहते हैं, लेकिन पार्टी और विचारधारा सबसे ऊपर होती है। जिन्होंने पार्टी के साथ विश्वासघात किया है, उन्हें जनता जवाब देगी।”
#WATCH | Delhi | Amid speculations of split in Shiv Sena UBT, party MP Sanjay Raut says, “If anyone wants to go, they can resign and leave. If such reports emerge about our MPs, then they should refute them. This time, the people of Maharashtra will not remain silent.” pic.twitter.com/5UljgWOu0O
— ANI (@ANI) June 17, 2026
बाद में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि मराठी भाषा में इस तरह के शब्द कई बार सामान्य बोलचाल का हिस्सा होते हैं।
कौन-कौन से सांसदों के नाम सामने आए?
बागी सांसदों में नागेश पाटिल आष्टीकर और संजय दीना पाटिल के नाम सामने आए हैं। हालांकि, संजय दीना पाटिल ने बुधवार सुबह ही पार्टी छोड़ने की खबरों का खंडन किया था।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिर्फ 3 सांसद पहुंचे
नई दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के केवल तीन सांसद अरविंद सावंत, राजाभाऊ वाजे और अनिल देसाई मौजूद रहे। बाकी छह सांसदों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को और तेज कर दिया।
2022 में भी हुई थी बड़ी टूट
शिवसेना में यह पहली बड़ी बगावत नहीं है। जून 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 39 विधायकों ने बगावत कर अलग गुट बना लिया था। इसके बाद पार्टी का चुनाव चिह्न और नाम भी शिंदे गुट को मिल गया था।
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अब लोकसभा सांसदों की संभावित बगावत को उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
सांसदों की खरीद-फरोख्त का आरोप
संजय राउत ने दावा किया कि महाराष्ट्र के सांसदों को खरीदने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसदों को शुरुआत में 15 करोड़ रुपए देने की पेशकश की गई है।
हालांकि, उन्होंने अपने दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।
सियासत और तेज हुई
इसी बीच, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी में भी बड़ी टूट हो सकती है।
VIDEO | Uttar Pradesh Minister and Suheldev Bharatiya Samaj Party president Om Prakash Rajbhar has claimed that a major split was likely in the Samajwadi Party and that several SP leaders were ready to join the BJP. Rajbhar said, “Ram Gopal ji, in order to protect his family,… pic.twitter.com/pPJBGedyo7
— Press Trust of India (@PTI_News) June 17, 2026
वहीं, अखिलेश यादव ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह एकजुट और मजबूत है। अखिलेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के अपने विधायक पाला बदलने वाले हैं।
#WATCH | Lucknow | On UP Minister OP Rajbhar’s statement, Samajwadi Party President Akhilesh Yadav says, “Dana aur gana kab tak chalega yeh afsana.” pic.twitter.com/HesS9KT3mn
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) June 17, 2026
वहीं, बीजेपी सांसद जगदम्बिका पाल ने संजय राउत के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, वह किसी जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को शोभा नहीं देती। पाल ने कहा,
“संजय राउत ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, वैसी भाषा तो कोई सामान्य व्यक्ति भी नहीं बोलता। शायद यह उनकी हताशा है। उन्हें आत्ममंथन करना चाहिए।”
#WATCH | Delhi: On Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut hurling abuses at suspected rebel MPs, BJP MP Jagdambika Pal says, ” Will the political life fall to such a low ebb? The kind of language he has used is unimaginable even from an ordinary person. Perhaps it’s his frustration. He… pic.twitter.com/riERIRlWco
— ANI (@ANI) June 17, 2026
प्रियंका चतुर्वेदी ने किया संजय राउत का बचाव
शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने संजय राउत का बचाव करते हुए कहा कि उनकी भावनाओं को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी ने नाम और चुनाव चिन्ह बचाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी, लेकिन वह एकनाथ शिंदे गुट को दे दिया गया और मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि अब पार्टी को कमजोर करने की एक और कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता ने सांसदों को नहीं, बल्कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा करके वोट दिया था। अगर किसी सांसद का पार्टी से विश्वास उठ गया है, तो उसे पहले इस्तीफा देना चाहिए।
#WATCH | Mumbai: On Shiv Sena UBT MP Sanjay Raut hurling abuses at suspected rebel MPs, Shiv Sena UBT leader Priyanka Chaturvedi says, “…you have to understand the emotion…the kind of fight we fought, the party’s name and symbol were given to Eknath Shinde. That fight is still… pic.twitter.com/skRQBuKK3S
— ANI (@ANI) June 17, 2026
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर 6 सांसदों के शिंदे गुट में जाने की पुष्टि होती है, तो यह 2022 के बाद उद्धव ठाकरे के लिए सबसे बड़ा संगठनात्मक झटका होगा और महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण देखने को मिल सकते हैं।
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