Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना 6 दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरा पूरा कर भारत लौट आए है। इस दौरान उन्होंने फ्रांस के नीस, एवियन और पेरिस शहरों में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा देने वाले समझौतों पर सहमति जताई और G7 शिखर सम्मेलन में दुनिया के कई बड़े नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) June 18, 2026
दौरे के समापन पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री मोदी के लिए हिंदी में एक विशेष वीडियो संदेश साझा किया। उन्होंने कहा, “प्रिय मित्र नरेंद्र, आपका नीस, एवियन और पेरिस के दौरे में स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हुई। फ्रांस और भारत की दोस्ती अमर रहे।”
Priye mitr @NarendraModi. pic.twitter.com/BXPVenkrXi
— Emmanuel Macron (@EmmanuelMacron) June 18, 2026
मैक्रों ने मुस्कुराते हुए आगे कहा, “मुझे उम्मीद है कि यह हिंदी संदेश सही होगा। डियर प्राइम मिनिस्टर, इस दोस्ती के लिए आपका धन्यवाद। मैं अगले फरवरी (2027)में भारत यात्रा के दौरान आपसे मिलूंगा।”
वहीं, फ्रांस से रवाना होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह यात्रा साझेदारी और उपलब्धियों दोनों के लिहाज से बेहद व्यापक और सफल रही।
This visit to France has been extensive when it comes to engagement and outcomes. It began in Nice, where the Bharat Innovates programme was held, followed by Evian for G7 and then in Paris, where I addressed VivaTech 2026 and a large community programme, as well as met CEOs.
I…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 18, 2026
भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को मिली नई मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी के फ्रांस दौरे का पहला चरण 13 और 14 जून को नीस शहर में हुआ। यहां उनकी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय बैठक हुई। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में व्यापक चर्चा हुई।
बैठक के दौरान भारत और फ्रांस ने 13 बड़े समझौतों पर सहमति जताई। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य तय किया और इसके लिए हाई-लेवल सिस्टम तथा इकोनॉमिक सिक्योरिटी डायलॉग शुरू करने पर सहमति बनाई। इसके अलावा, रक्षा उत्पादन, उभरती तकनीकों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
पेरिस में विवाटेक समिट में शामिल हुए पीएम मोदी
18 जून को प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित विवाटेक (VivaTech) समिट में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि फ्रांस भारत और यूरोप के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम के बीच एक मजबूत सेतु का काम कर रहा है।
भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की रणनीतिक साझेदारी के 12 वर्ष पूरे हो चुके हैं और यह संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा,
“12 वर्षों तक देश की सेवा करना मेरे जीवन का बहुत बड़ा सौभाग्य रहा है। यह भारत के लोकतंत्र की शक्ति है, जिसने एक चायवाले को यहां तक पहुंचा दिया।”
The last 12 years have been about economic progress and social transformation. pic.twitter.com/jRQjsx4UWt
— Narendra Modi (@narendramodi) June 19, 2026
G7 शिखर सम्मेलन में दुनिया के नेताओं से मुलाकात
17 जून को फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें G7 शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ करीब 18 मिनट तक अहम बातचीत हुई। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ करते हुए कहा,
“जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, व्हाइट हाउस में मोदी का हमेशा एक अच्छा दोस्त मौजूद रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “जब तक मोदी नेतृत्व कर रहे हैं, भारत हर क्षेत्र में बड़ी भूमिका निभाएगा। मोदी शांत और प्रभावशाली नेता हैं, लेकिन मैं मोदी की तरह नहीं हूं।”
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भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि समुद्री मार्गों पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ईरान से जुड़ी किसी भी संभावित डील में भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारत को क्यों मिलता है G7 का निमंत्रण?
भारत G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने और वैश्विक मंच पर बढ़ते प्रभाव के कारण उसे अक्सर विशेष आमंत्रित देश (गेस्ट नेशन) के रूप में बुलाया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सातवीं बार G7 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए, जो वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।
क्या है G7?
G7 यानी ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ दुनिया की सात प्रमुख विकसित अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसमें अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, जापान, इटली, कनाडा और जर्मनी शामिल हैं। इसकी शुरुआत 1975 में G6 के रूप में हुई थी। 1976 में कनाडा के शामिल होने के बाद यह G7 बना।
1998 में रूस को शामिल कर इसका नाम G8 कर दिया गया था, लेकिन 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया क्षेत्र पर रूस के कब्जे के बाद रूस को समूह से बाहर कर दिया गया और यह फिर से G7 बन गया।
भारत-फ्रांस संबंधों को नई दिशा
प्रधानमंत्री मोदी का यह 6 दिवसीय दौरा भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को नई गति देने वाला माना जा रहा है। वहीं, G7 मंच पर भारत की सक्रिय मौजूदगी यह संकेत देती है कि वैश्विक मुद्दों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। आने वाले वर्षों में रक्षा, व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत और फ्रांस का सहयोग और गहरा होने की संभावना है।
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