Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अब उन्हें ईरान पर भरोसा नहीं रहा। कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान बातचीत की बात करता है, लेकिन बार-बार अपने वादों से मुकर जाता है और गलत जानकारी देता है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत अभी जारी है। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका की ओर से स्टीव विटकॉफ, जेडी वेंस, मार्को रुबियो और जेरेड कुशनर वार्ता की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
वहीं, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने हमला किया तो उसका जवाब पूरी तैयारी के साथ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई में अमेरिका और इजराइल के अहम सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाएगा।
ईरान की नई चेतावनी
ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने अमेरिका को आगाह किया है कि यदि उसके दक्षिणी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी जारी रही तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। परिषद ने कहा कि ऐसी स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण और सख्त किया जाएगा। साथ ही संकेत दिए कि अन्य समुद्री मार्ग भी प्रभावित हो सकते हैं।
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अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान का इशारा बाब अल-मंदेब स्ट्रेट और गल्फ ऑफ एडन की ओर माना जा रहा है, जहां हूती विद्रोहियों का प्रभाव है।
हूती विद्रोहियों का बयान
हूती विद्रोहियों ने कहा कि बाब अल-मंदेब स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों से किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा। समूह ने मीडिया में चल रही उन खबरों को खारिज किया, जिनमें जहाजों से पैसा वसूलने का दावा किया गया था।
हूती समूह के ह्यूमैनिटेरियन ऑपरेशंस कोऑर्डिनेशन सेंटर ने कहा कि जिन जहाजों पर उनका प्रतिबंध लागू नहीं है, वे पहले की तरह सुरक्षित और बिना किसी शुल्क के इस समुद्री मार्ग से गुजर सकते हैं।
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