Iran US Israel War: पश्चिम एशिया में ईरान-इजराइल के बीच जारी तनाव लगातार गहराता जा रहा है। शनिवार को होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे कतर के LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से भरे एक टैंकर पर हमला हुआ, जिसके बाद जहाज समुद्र में फंस गया। इसी दौरान ईरान ने कुवैत पर ड्रोन हमले किए, जिनमें एक सरकारी इमारत और एक नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
होर्मुज में LNG टैंकर पर हमला
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, हमला जिस जहाज पर हुआ उसकी पहचान ‘गैसलॉग शंघाई’ के रूप में हुई है। यह टैंकर कतर से LNG लेकर होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहा था। शुरुआती जानकारी के अनुसार जहाज किसी मिसाइल या ड्रोन की चपेट में आ गया, जिससे उसके इंजन रूम को भारी नुकसान पहुंचा और वह समुद्र में आगे नहीं बढ़ सका। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
इससे पहले ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने भी ओमान तट के पास एक टैंकर पर हमले की जानकारी दी थी। एजेंसी के अनुसार, इंजन रूम क्षतिग्रस्त होने के कारण जहाज को समुद्र में ही रोकना पड़ा।
कुवैत पर ईरान का ड्रोन हमला
इसी बीच ईरान ने शनिवार को कुवैत की ओर कई ड्रोन दागे। कुवैती सेना ने बताया कि हमलों में एक सरकारी इमारत और एक नागरिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। हमले के तुरंत बाद देश का एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया गया और सीमा में प्रवेश करने वाले कई ईरानी ड्रोन मार गिराए गए।
अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य तैयारियां
इजराइली मीडिया के अनुसार, अमेरिका इजराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर 10 अतिरिक्त रीफ्यूलिंग विमान भेज रहा है। इसके बाद वहां अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमानों की संख्या बढ़कर 40 हो जाएगी। माना जा रहा है कि यह कदम संभावित बड़े सैन्य अभियान की तैयारी का हिस्सा है।
अमेरिकी जनरल की पेंटागन को चेतावनी
‘द वॉशिंगटन पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी यूरोपीय कमान के प्रमुख जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने पेंटागन को चेतावनी दी है कि मौजूदा संसाधनों के साथ ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों से इजराइल की रक्षा करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक संघर्ष जारी रहने से अमेरिकी मिसाइल रक्षा भंडार पर भारी दबाव पड़ रहा है।
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लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजराइल का ऑपरेशन
इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक ‘अली अल-ताहेर रिज’ क्षेत्र में रातभर चले अभियान में हिज्बुल्लाह के कई लड़ाकों को मार गिराया। यह इलाका इजराइल की सीमा से लगभग छह मील दूर स्थित है।
अमेरिका ने नागरिकों को दी चेतावनी
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और बिगड़ती है तो वे मिडिल ईस्ट छोड़ने की तैयारी रखें। यह एडवाइजरी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के खिलाफ कड़ी चेतावनी और क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बाद जारी की गई है।
ट्रंप बोले- बातचीत नाकाम रही तो सैन्य कार्रवाई भी विकल्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान के साथ कूटनीतिक वार्ता से कोई नतीजा नहीं निकलता, तो नए सैन्य हमले का विकल्प अभी भी खुला है। कैंप डेविड में कैबिनेट बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है, लेकिन उसके पास अब भी कुछ मिसाइल क्षमताएं मौजूद हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जरूरत पड़ने पर इस सप्ताहांत तक सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इजराइल उसके महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हैं, तो वह उसका कड़ा जवाब देगा।
President Trump is escalating pressure on Iran, saying new military strikes remain on the table if diplomatic talks don’t produce results.
After meeting with his Cabinet at Camp David, Trump said Iran’s military has been significantly weakened but still retains some missile… pic.twitter.com/iVItHhwE2h
— Fox News (@FoxNews) August 1, 2026
ईरान बोला- हर अमेरिकी हमले का देंगे जवाब
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश किसी भी अमेरिकी सैन्य हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल असीम मुनीर और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान से बातचीत में कहा कि यदि अमेरिका कोई सैन्य कार्रवाई करता है तो ईरान उसका उसी स्तर पर जवाब देगा।
संसद में सरकार ने दी भारतीयों की जानकारी
केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान अब तक 16 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 भारतीय घायल हुए हैं। सरकार के अनुसार, ईरान में फंसे 2,557 भारतीयों को अर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते सुरक्षित निकाला गया है। युद्ध क्षेत्र में मारे गए भारतीय नाविकों के परिजनों को डीजीएमए वेलफेयर स्कीम के तहत 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की प्रक्रिया भी जारी है।
ईरान ने सबसे खराब हालात के लिए शुरू की तैयारी
ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने कहा है कि सरकार संभावित सबसे खराब परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अगले दो वर्षों के लिए आवश्यक आपूर्ति का भंडारण कर रही है। उन्होंने कहा कि देश में शांति, कानून-व्यवस्था और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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