भारत में Fanta में यूरोप से 3 गुना ज्यादा चीनी: चिप्स-सोडा पर हेल्थ वार्निंग से क्यों पीछे हटी सरकार?

Fanta Sugar Content in India: भारत में पैकेज्ड फूड और सॉफ्ट ड्रिंक्स पर चीनी, नमक और फैट की मात्रा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। Reuters की जांच के मुताबिक, भारत में बिकने वाली Fanta में ब्रिटेन में बिकने वाले इसी ब्रांड के मुकाबले करीब तीन गुना ज्यादा चीनी है। वहीं भारत में कुछ ऐसे आर्टिफिशियल कलर भी इस्तेमाल होते हैं, जिनकी मौजूदगी पर यूरोप में पैकेजिंग पर प्रमुख स्वास्थ्य चेतावनी दी जाती है।

मामला सिर्फ Fanta तक सीमित नहीं है। भारत में चिप्स, बिस्किट, इंस्टेंट नूडल्स, मीठे पेय और दूसरे पैकेज्ड फूड पर सामने की तरफ स्पष्ट हेल्थ वार्निंग लगाने की कोशिश लंबे समय से चल रही है। लेकिन बड़ी खाद्य और पेय कंपनियों के विरोध के बाद इस प्रस्ताव को लेकर सरकार और FSSAI का रुख नरम पड़ गया।

Fanta में भारत और ब्रिटेन का अंतर

Reuters के मुताबिक, लंदन में बिकने वाली Fanta की एक कैन में 63 कैलोरी है। भारत में बिकने वाली Fanta में चीनी की मात्रा ब्रिटेन के संस्करण से करीब तीन गुना बताई गई है।

भारत में बिकने वाले संस्करण में एक कृत्रिम रंग भी इस्तेमाल होता है। यूरोप में इस तरह के रंगों वाले उत्पादों पर प्रमुख स्वास्थ्य चेतावनी की व्यवस्था है, जबकि भारत में इसकी जानकारी पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में दी जाती है।

यही अंतर भारत में उपभोक्ताओं को मिलने वाली जानकारी और दूसरे देशों में लागू नियमों को लेकर सवाल खड़े करता है।

सरकार चाहती थी पैकेट के सामने ‘लाल चेतावनी’

भारत में FSSAI लंबे समय से Front-of-Pack Labelling (FOPL) पर काम कर रहा था। इसका उद्देश्य यह था कि अगर किसी पैकेज्ड फूड में चीनी, नमक या सैचुरेटेड फैट की मात्रा ज्यादा है, तो इसकी जानकारी पैकेट के सामने ही साफ दिखाई दे।

ऐसी व्यवस्था में उपभोक्ता को पैकेट पलटकर लंबी न्यूट्रिशन टेबल पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ती। रंग या प्रतीक के जरिए तुरंत पता चल सकता है कि उत्पाद में किसी पोषक तत्व की मात्रा ज्यादा है।

लेकिन अगस्त में FSSAI ने रंगीन चेतावनी व्यवस्था से पीछे हटते हुए ब्लैक एंड व्हाइट न्यूट्रिशन टेबल का प्रस्ताव आगे बढ़ाया। नियामक ने तर्क दिया कि अंतरराष्ट्रीय मॉडल को भारत की भोजन संबंधी आदतों पर सीधे लागू करना आसान नहीं है।

ये भी पढ़ेंः  बासित अली को मिली बड़ी जिम्मेदारी, आसिफ अली के नेतृत्व में गाजियाबाद के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में किया जोरदार स्वागत

Coca-Cola, Nestle और PepsiCo ने क्यों किया विरोध?

Reuters ने 19 मार्च को FSSAI और खाद्य उद्योग के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक की रिकॉर्डिंग और दस्तावेजों की समीक्षा की।

बैठक में Coca-Cola India की वरिष्ठ अधिकारी मिली भट्टाचार्य ने फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी को लेकर सवाल उठाए। उनका तर्क था कि केवल किसी प्रतीक या आइकन को पैकेट पर देखकर ऐसा जरूरी नहीं कि उपभोक्ता अपनी खाने की आदत बदल देगा।

उद्योग प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि सरकार को चेतावनी लेबल के बजाय पोर्शन कंट्रोल और उपभोक्ता जागरूकता पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।

दिलचस्प बात यह है कि Coca-Cola की सहयोगी कंपनी Coca-Cola HBC यूरोप के करीब दो दर्जन बाजारों में ट्रैफिक-लाइट स्टाइल न्यूट्रिशन लेबल का इस्तेमाल करती है। Nestle भी ब्रिटेन में लंबे समय से इंटरप्रेटिव लेबलिंग का इस्तेमाल कर रही है।

80% पैकेज्ड फूड पर लग सकता है ‘रेड’ निशान

उद्योग के अनुमानों के मुताबिक भारत के 100 अरब डॉलर से ज्यादा के पैकेज्ड फूड और बेवरेज बाजार के करीब 80% उत्पाद हाई फैट, हाई शुगर या हाई सॉल्ट श्रेणी में आ सकते हैं।

इंडियन Food & Beverage Association के प्रतिनिधि दीपक जॉली ने बैठक में चिंता जताई कि अगर रंग आधारित चेतावनी प्रणाली लागू हुई तो बड़ी संख्या में उत्पादों के पैकेट पर लाल निशान दिखाई दे सकते हैं।

उद्योग संगठन ने यह सवाल भी उठाया कि अगर किसी नारियल पानी में प्राकृतिक रूप से चीनी मौजूद है, तो क्या उस पर भी ‘हाई शुगर’ चेतावनी लगाई जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI के रुख पर जताई नाराजगी

इस पूरे विवाद में अब सुप्रीम कोर्ट भी शामिल है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की याचिका के बाद अदालत ने पैकेज्ड फूड पर स्पष्ट चेतावनी व्यवस्था पर विचार करने को कहा था।

अगस्त में अदालत ने FSSAI के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई और सरकार को दो सप्ताह में अपना अंतिम फैसला अदालत के सामने रखने को कहा। अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या नियामक पर कॉरपोरेट कंपनियों का दबाव है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने साफ संकेत दिया है कि अगर सरकार और नियामक इस मुद्दे पर कार्रवाई नहीं करते हैं तो अदालत आगे निर्देश दे सकती है।

ये भी पढ़ेंः शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब का नेटवर्क: घर में बनती थी जहरीली शराब, 13 मौतें; 27 आरोपी गिरफ्तार, अब NHRC सख्त

सिर्फ Fanta नहीं, KitKat और Maggi भी चर्चा में

भारत और दूसरे देशों में एक ही ब्रांड के उत्पादों की रेसिपी अलग होने का मुद्दा भी इस विवाद के साथ सामने आया है।

Reuters के मुताबिक:

  • भारत के स्टैंडर्ड KitKat में 4.5% कोको सॉलिड्स बताए गए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया के संस्करण में मिल्क चॉकलेट में कम से कम 22% कोको है।
  • भारत में बिकने वाले Maggi के सभी वेरिएंट में पाम ऑयल इस्तेमाल होता है।
  • ब्रिटेन में कई Maggi वेरिएंट में सनफ्लावर ऑयल इस्तेमाल किया जाता है।
  • ब्रिटेन में बिकने वाले कई Maggi पैकेट भारत में बने होते हैं, लेकिन उन पर हाई-सॉल्ट के लिए लाल फ्रंट-ऑफ-पैक लेबल लगा होता है।

हालांकि, अलग-अलग देशों में रेसिपी अलग होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि भारत में बिकने वाला उत्पाद नियमों का उल्लंघन कर रहा है। कंपनियां स्थानीय नियमों, कीमत, उपलब्ध सामग्री और उपभोक्ताओं की पसंद के हिसाब से उत्पाद तैयार करती हैं।

भारत में बढ़ रही हेल्थ को लेकर चिंता

यह बहस ऐसे समय में हो रही है जब भारत में मोटापा और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ रही है। Reuters ने Lancet में प्रकाशित एक अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि 2050 तक करीब 45 करोड़ भारतीय ओवरवेट या मोटापे से प्रभावित हो सकते हैं।

सोशल मीडिया पर भी पैकेज्ड फूड के खिलाफ जागरूकता अभियान बढ़ रहे हैं। Food Pharmer के नाम से मशहूर रेवंत हिमतसिंगका जैसे इन्फ्लुएंसर भारत और विदेशों में बिकने वाले एक ही ब्रांड के उत्पादों की तुलना कर रहे हैं।

कंपनियों के लिए बड़ा सवाल: मुनाफा या पारदर्शिता?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पैकेट के सामने चेतावनी लगाने से उपभोक्ता को खरीदारी से पहले तुरंत जानकारी मिलती है। वहीं खाद्य कंपनियों का तर्क है कि केवल चेतावनी लेबल से खाने की आदतें बदलने की गारंटी नहीं है।

इस विवाद का सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या भारतीय उपभोक्ता को चीनी, नमक और फैट की मात्रा की जानकारी पैकेट के पीछे छोटे अक्षरों में मिलनी चाहिए या सामने ही साफ चेतावनी के रूप में?

फिलहाल मामला सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में है और भारत में पैकेज्ड फूड की लेबलिंग का अंतिम मॉडल अभी तय नहीं हुआ है।

ये भी पढ़ेंः कृति सेनन के राखी एड पर विवाद: राहुल गांधी ने किया समर्थन, कंगना बोलीं- बिकिनी में राखी क्यों?

Spread the love

Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

Related Posts

शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब का नेटवर्क: घर में बनती थी जहरीली शराब, 13 मौतें; 27 आरोपी गिरफ्तार, अब NHRC सख्त

Gujarat Poisonous Liquor Case: गुजरात के भावनगर में जहरीली शराब कांड ने शराबबंदी वाले राज्य में अवैध शराब के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में…

Spread the love

Continue reading
बासित अली को मिली बड़ी जिम्मेदारी, आसिफ अली के नेतृत्व में गाजियाबाद के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में किया जोरदार स्वागत

Basit Ali BJP: भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने मंगलवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण किया।…

Spread the love

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

भारत में Fanta में यूरोप से 3 गुना ज्यादा चीनी: चिप्स-सोडा पर हेल्थ वार्निंग से क्यों पीछे हटी सरकार?

भारत में Fanta में यूरोप से 3 गुना ज्यादा चीनी: चिप्स-सोडा पर हेल्थ वार्निंग से क्यों पीछे हटी सरकार?

शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब का नेटवर्क: घर में बनती थी जहरीली शराब, 13 मौतें; 27 आरोपी गिरफ्तार, अब NHRC सख्त

शराबबंदी वाले गुजरात में नकली शराब का नेटवर्क: घर में बनती थी जहरीली शराब, 13 मौतें; 27 आरोपी गिरफ्तार, अब NHRC सख्त

बासित अली को मिली बड़ी जिम्मेदारी, आसिफ अली के नेतृत्व में गाजियाबाद के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में किया जोरदार स्वागत

बासित अली को मिली बड़ी जिम्मेदारी, आसिफ अली के नेतृत्व में गाजियाबाद के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में किया जोरदार स्वागत

कृति सेनन के राखी एड पर विवाद: राहुल गांधी ने किया समर्थन, कंगना बोलीं- बिकिनी में राखी क्यों?

कृति सेनन के राखी एड पर विवाद: राहुल गांधी ने किया समर्थन, कंगना बोलीं- बिकिनी में राखी क्यों?

अमेरिका ने ईरान की 5 आर्थिक लाइफलाइन काटीं: दूसरे देशों को भी चेतावनी, अब भारत पर क्या होगा असर?

अमेरिका ने ईरान की 5 आर्थिक लाइफलाइन काटीं: दूसरे देशों को भी चेतावनी, अब भारत पर क्या होगा असर?

कोलंबो टेस्ट का तीसरा दिन आज: भारत 503/9 पर घोषित, श्रीलंका ने गंवाए 2 विकेट

कोलंबो टेस्ट का तीसरा दिन आज: भारत 503/9 पर घोषित, श्रीलंका ने गंवाए 2 विकेट