CJP Protest in Delhi: दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर शनिवार, 10 अक्टूबर को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों के विरोध में प्रदर्शन का आह्वान किया गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस की सख्ती और कई जगह बैरिकेडिंग के चलते प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच सके।
पुलिस ने CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर ही हिरासत में ले लिया। खबर के मुताबिक, दिनभर में करीब 7,000 लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, दिल्ली में 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जानकारी सामने आई है।
CJP ने ऐलान किया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार शाम मीडिया से बातचीत में भी अपना रुख दोहराया। अब CJP ने रविवार, 11 अक्टूबर को फिर जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की घोषणा की है।
मेट्रो बंदी और पुलिस कार्रवाई पर सुप्रीम कोर्ट में रविवार को सुनवाई
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेनों की आवाजाही पर पाबंदियों को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। अदालत रविवार, 11 अक्टूबर को उस याचिका पर विशेष सुनवाई करेगी, जिसमें अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के उस निर्देश के बावजूद मेट्रो स्टेशनों को बंद रखा गया और कई ट्रेनों को रद्द किया गया, जिसमें सार्वजनिक परिवहन पर पूरी तरह रोक नहीं लगाने की बात कही गई थी।
जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मामले की सुनवाई करेगी। याचिका में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की अध्यक्ष डी. थारा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
इससे पहले 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने मेट्रो और रेल सेवाओं पर पूरी तरह रोक लगाने को लेकर चिंता जताई थी। अदालत ने अधिकारियों से सार्वजनिक परिवहन को नियंत्रित तरीके से चालू रखने और आम लोगों को होने वाली परेशानी कम करने को कहा था।
हिरासत केंद्रों से महिलाओं और बुजुर्गों को छोड़ा जा रहा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हिरासत केंद्रों से महिला प्रदर्शनकारियों और बुजुर्गों को रिहा किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान कई राजनीतिक नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया।
हिरासत से रिहा होने के बाद ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के बयान का किया जिक्र
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भी प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था। बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। हिरासत से रिहा होने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति ने कहा था कि उनके पास कोई सबूत नहीं है और जांच के लिए प्रमाण की जरूरत है। ममता बनर्जी के मुताबिक, इस पर उन्होंने कहा था कि वे सबूत उपलब्ध कराएंगी। उन्होंने कहा, “यह बात सही है।”
VIDEO | Delhi: TMC Chief Mamata Banerjee after being released from detention, says, “…But the President has said that ‘We don’t have any evidence, if we are to investigate, we need proof.’ So we said, ‘Fine, we will provide the proof.’ This part is true.”
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 10, 2026
प्रशांत किशोर बोले- सरकार आंदोलन से डरी हुई है
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने दिल्ली में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों की तैनाती और SIR विवाद को लेकर सरकार तथा चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “आज दिल्ली की सड़कों पर 40,000 पुलिस, अर्धसैनिक बल और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। यह अपने आप में दिखाता है कि सरकार इस आंदोलन से कितनी डरी हुई है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने शिक्षकों को हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि उन्हें कहां रखा गया है।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि पिछले 8 से 10 वर्षों में समाज के एक बड़े वर्ग का चुनाव आयोग के कामकाज के तौर-तरीकों से भरोसा कम हुआ है। उन्होंने फॉर्म-6 और फॉर्म-7 में बदलाव, SIR के जरिए मतदाता सूची से नाम हटाने, चुनाव की तारीखें तय करने, आदर्श आचार संहिता लागू करने, पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और मतगणना में कथित अनियमितताओं जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री को लेकर भी टिप्पणी की और कहा कि इसी वजह से इस तरह की समस्याएं बार-बार सामने आती हैं।
Video | Patna: Jan Suraaj founder Prashant Kishor on the SIR Row, says, “The government has detained teachers, but it is still not known where they are being kept. The people of Bihar have made such a person the Chief Minister, which is why these problems keep arising…..Over the past eight to ten years, a large section of society has lost faith in the Election Commission’s functioning. Changes in Forms 6 and 7, the use of SIR to remove names from electoral rolls, election scheduling, the Model Code of Conduct, observers and alleged counting irregularities have contributed to this…”
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/bIyFWTfmBd)
— Press Trust of India (@PTI_News) October 10, 2026
CJP का आंदोलन जारी रखने का ऐलान
CJP ने साफ किया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने रविवार को दोबारा जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की घोषणा की है। ऐसे में अब सबकी नजर रविवार को प्रस्तावित मार्च और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर रहेगी।
The Modi Govt fears that if we unite again, their throne will be at stake.
But we’re not backing down! We will march to Jantar Mantar again tomorrow and stay there until all our demands are met.
@AjinkyaCJP https://t.co/Z9wJB29bFU
— Cockroach Janta Party – CJP (@Cockroachisback) October 10, 2026
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