Stock Market Crash: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली। विदेशी बाजारों से मिले निगेटिव संकेतों के बीच BSE Sensex और NSE Nifty 50 की शुरुआत बेहद खराब रही। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 73,583 के मुकाबले गिरकर 72,565 पर खुला और कुछ ही मिनटों में 72,391 तक लुढ़क गया, यानी करीब 1192 अंकों की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। वहीं निफ्टी 22,819 से गिरकर 22,549 पर खुला और 22,470 तक फिसल गया।
बैंकिंग शेयरों में मचा कोहराम
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर बैंकिंग सेक्टर पर देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में ही Axis Bank करीब 4 प्रतिशत तक टूट गया। Kotak Mahindra Bank में 3 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि HDFC Bank 2.5 प्रतिशत नीचे रहा। इसके अलावा ICICI Bank और State Bank of India भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। लार्जकैप शेयरों में Bajaj Finance और Bharti Airtel पर भी दबाव देखने को मिला।
विदेशों से पहले ही मिल गए थे रेड सिग्नल
भारतीय बाजार में गिरावट के संकेत पहले ही एशियाई बाजारों से मिल चुके थे। Nikkei 225 करीब 4.5 प्रतिशत टूट गया, जबकि Hang Seng Index में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। KOSPI भी करीब 4 प्रतिशत फिसल गया। यूरोपीय बाजारों में भी कमजोरी देखने को मिली, जिससे ग्लोबल सेंटिमेंट पूरी तरह नेगेटिव हो गया।
पहला कारण: एशियाई बाजारों में भारी गिरावट
एशियाई बाजारों में आई तेज गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा। GIFT Nifty भी पहले से ही कमजोरी का संकेत दे रहा था, जिससे बाजार पर दबाव बना।
दूसरा कारण: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
ग्लोबल ऑयल मार्केट में उथल-पुथल के बीच Brent Crude Oil की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। इससे महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया और निवेशकों में घबराहट देखने को मिली।
तीसरा कारण: अमेरिका-ईरान तनाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बयान और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते टकराव और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंका से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और इसका असर भारतीय बाजार पर भी साफ दिखा।
ग्लोबल तनाव, महंगे कच्चे तेल और विदेशी बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में यह बड़ी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, शुरुआती गिरावट के बाद हल्की रिकवरी के संकेत जरूर मिले, लेकिन फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने की आशंका है। ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।








