West Asia Crisis: पश्चिम एशिया में जारी बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने अलर्ट मोड सक्रिय कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCS) की हाई-लेवल बैठक आयोजित की गई है, जिसमें देश की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा, कृषि आपूर्ति, और जरूरी वस्तुओं की निर्बाध सप्लाई पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों की मौजूदगी
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, और विदेश मंत्री एस. जयशंकर शामिल हैं। इसके अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मंत्री पीयूष गोयल, और हरदीप सिंह पुरी भी इस बैठक में मौजूद हैं।
सरकार का उद्देश्य है कि विदेशों में जारी तनाव का असर भारतीय अर्थव्यवस्था, ऊर्जा संसाधनों और आम नागरिकों पर न्यूनतम हो।
ऊर्जा और जरूरी सप्लाई की समीक्षा
बैठक में एलपीजी और पीएनजी गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा कृषि इनपुट्स, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा और अन्य आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन की स्थिति का भी विस्तार से मूल्यांकन किया जा रहा है।
सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि अंतरराष्ट्रीय संकट के कारण आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
पिछली CCS बैठक के फैसलों की समीक्षा
आज की बैठक में 22 मार्च को हुई पिछली CCS बैठक के फैसलों की भी समीक्षा की जा रही है। उस बैठक में पश्चिम एशिया के बदलते हालात और संभावित प्रभावों पर गहन चर्चा हुई थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिए थे कि मंत्रियों और अधिकारियों का एक समर्पित समूह लगातार हालात पर नजर रखे और समय रहते रणनीति बनाए, ताकि देश पर पड़ने वाले प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके।
वैश्विक संकट से निपटने की रणनीति
बैठक में कई अहम सेक्टरों पर संभावित असर का मूल्यांकन किया गया, जिनमें शामिल हैं:
ऊर्जा सेक्टर: कच्चे तेल, गैस, और बिजली की स्थिति की समीक्षा की गई, और वैकल्पिक स्रोतों पर विचार किया गया।
कृषि और उर्वरक: खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता और किसानों पर पड़ने वाले प्रभाव पर विशेष ध्यान दिया गया।
खाद्य सुरक्षा और सप्लाई चेन: जरूरी वस्तुओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लॉजिस्टिक्स और स्टॉक स्तरों का मूल्यांकन किया गया।
व्यापार और शिपिंग: वैश्विक संकट के कारण व्यापार और शिपिंग पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव का आकलन।
प्रधानमंत्री का निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में स्पष्ट कहा कि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम जनता और कृषि पर न्यूनतम होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों को निर्देश दिए कि वे शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों उपायों को प्रभावी रूप से लागू करें।







