Amaravati Capital Bill Passed: लोकसभा ने बुधवार को आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 पास कर दिया, जिसके तहत अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र और स्थायी राजधानी का कानूनी दर्जा मिल गया। यह कदम राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने और राजधानी को स्थायी पहचान देने के लिए उठाया गया है।
बिल पेश और बहस
बिल को संसद में पेश किया गया था गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा। पेश किए जाने के बाद इस पर एक घंटे से अधिक समय तक बहस हुई। सांसदों ने बिल के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे, जिसमें राजधानी के विकास, प्रशासनिक सुविधाओं और निवेश से जुड़े मुद्दे शामिल थे।
ध्वनिमत से पास
बहस के बाद, बिल को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद कानून के रूप में लागू किया जाएगा। इसके लागू होने के बाद अमरावती राज्य की कानूनी राजधानी बन जाएगी और सभी सरकारी कार्यवाहियां वहीं केंद्रित होंगी।
प्रशासनिक और आर्थिक महत्व
अमरावती को स्थायी राजधानी बनाने से राज्य की प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार, लंबी अवधि के निवेश में स्थिरता और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही, यह कदम राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने में भी मदद करेगा।
आगे का रास्ता
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद, राज्य सरकार अमरावती में सभी सरकारी विभागों और प्रशासनिक कार्यालयों के केंद्रीकरण पर काम शुरू करेगी। इसके साथ ही, राजधानी के विकास और शहरी योजनाओं के लिए नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत भी होने की संभावना है।







