AAP Big Decision: आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक अहम संगठनात्मक फैसला लेते हुए अपने वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह पार्टी ने सांसद अशोक मित्तल (Ashok Mittal) को नई जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले को पार्टी के अंदर बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
राज्यसभा सचिवालय को भेजा गया आधिकारिक पत्र
AAP ने इस बदलाव की जानकारी राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर दी। पत्र में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि अब सदन में पार्टी की ओर से बोलने का समय राघव चड्ढा को न दिया जाए। इससे साफ है कि पार्टी ने संसदीय रणनीति में भी बदलाव किया है।
2022 से सांसद, 2028 तक कार्यकाल
राघव चड्ढा 2022 में पंजाब से राज्यसभा सांसद बने थे और उनका कार्यकाल 2028 तक है। हालांकि, उपनेता पद से हटाए जाने के बावजूद उनकी संसद सदस्यता बरकरार रहेगी। वे राज्यसभा के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
फैसले के पीछे की वजह साफ नहीं
हालांकि पार्टी की ओर से इस निर्णय के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि राघव चड्ढा पिछले कुछ समय से पार्टी गतिविधियों से दूरी बनाए हुए थे और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से कम सक्रिय नजर आ रहे थे।
केजरीवाल मामले में चुप्पी पर उठे सवाल
27 फरवरी को जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को कथित शराब नीति मामले में निचली अदालत से राहत मिली थी, तब भी राघव चड्ढा की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी। उनकी इस चुप्पी ने भी राजनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े किए थे।
संसद में उठाते रहे जनहित के मुद्दे
हालांकि, राज्यसभा में राघव चड्ढा लगातार जनहित के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उन्होंने गिग वर्कर्स के अधिकार, स्कूल फीस और आम जनता से जुड़े कई अहम विषयों पर आवाज बुलंद की थी, जिससे उनकी सक्रियता संसद में बनी रही।
अशोक मित्तल को मिली नई जिम्मेदारी
अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में AAP का उपनेता बनाया गया है। पार्टी को उम्मीद है कि वे सदन में पार्टी की रणनीति को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे और विपक्ष की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाएंगे।






