Pakistan Petrol Diesel Price Hike: पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान (Pakistan) पर ईरान युद्ध का असर अब साफ तौर पर दिखने लगा है। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का जबरदस्त दबाव बन गया है।
सरकार ने अचानक बड़ा फैसला लेते हुए ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। अब एक लीटर पेट्रोल 458.41 रुपए और डीजल 520.35 रुपए प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। केरोसिन की कीमत भी बढ़ाकर 457.80 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है। नई दरें गुरुवार आधी रात से लागू हो गई हैं।

ईरान-अमेरिका युद्ध का सीधा असर
ईरान और यूनाइटेड स्टेट (US) के बीच जारी युद्ध का असर अब वैश्विक बाजार के साथ-साथ पाकिस्तान पर भी साफ दिख रहा है। खासकर होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के प्रभावित होने से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है।
पेट्रोल पर टैक्स बढ़ा, डीजल पर राहत
कीमतों को संतुलित करने के लिए सरकार ने टैक्स स्ट्रक्चर में भी बदलाव किया है। पेट्रोल पर टैक्स को 105 रुपए से बढ़ाकर 160 रुपए प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि डीजल पर टैक्स को 55 रुपए से घटाकर शून्य कर दिया गया है, ताकि इसकी कीमतों में और ज्यादा उछाल न आए।
मजबूरी में लिया फैसला- परवेज मलिक
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक (Ali Pervaiz Malik) ने इस फैसले को कठिन लेकिन जरूरी बताया है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल मार्केट की स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाना पड़ा। सरकार अब सब्सिडी केवल उन्हीं लोगों को देगी, जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है।
खपत बढ़ी, इसलिए बढ़ाए गए दाम- खुर्रम शहजाद
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार खुर्रम शहजाद (Khurram Shahzad) के अनुसार पिछले महीने पेट्रोल की खपत में 8 प्रतिशत और डीजल की खपत में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। इस बढ़ती खपत को नियंत्रित करने के लिए कीमतों में इजाफा किया गया है।
आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ेगा। माल ढुलाई महंगी होने से फल, सब्जियां और जरूरी सामान के दाम बढ़ेंगे। इसके अलावा खेती पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि ट्रैक्टर और ट्यूबवेल चलाने का खर्च बढ़ जाएगा।
600 रुपए/लीटर तक जा सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ईरान-यूएस के बीच युद्ध लंबा चलता है, तो पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतें 600 रुपये प्रति लीटर के पार जा सकती हैं, जिससे महंगाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है।
कीमतें बढ़ने की 5 बड़ी वजह
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में उछाल के पीछे कई बड़े कारण हैं। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की सख्त शर्तों के कारण सरकार को सब्सिडी खत्म करनी पड़ रही है। इसके अलावा पाकिस्तानी रुपये की गिरावट, ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी मुद्रा की कमी और पेट्रोलियम टैक्स में बढ़ोतरी भी इसके प्रमुख कारण हैं।
भारत के मुकाबले स्थिति
पाकिस्तानी रुपए की वैल्यू भारतीय रुपए से काफी कमजोर है। 1 पाकिस्तानी रुपया करीब 33 पैसे के बराबर है। यानी भारत के 100 रुपए पाकिस्तान में करीब 300 रुपए के बराबर होते हैं, इसके बावजूद वहां ईंधन की कीमतें बेहद ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं।
बता दें कि पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह उछाल सिर्फ आर्थिक संकट नहीं, बल्कि वैश्विक युद्ध, सप्लाई संकट और वित्तीय दबाव का संयुक्त असर है। आने वाले समय में यदि हालात नहीं सुधरे, तो आम जनता पर इसका बोझ और बढ़ सकता है।






