Iran Israel Conflict: अप्रैल में हुए सीजफायर के बाद ईरान ने पहली बार इजराइल पर मिसाइल हमला किया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार रविवार रात इजराइल की ओर कई मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद उत्तरी और मध्य इजराइल के कई इलाकों में सायरन बज उठे और लोगों को बंकरों में शरण लेनी पड़ी।
🚨 Sirens were sounded in several areas across the country following the identification of missiles launched from Iran toward Israel. https://t.co/BtjlfxOegW
— Israel Defense Forces (@IDF) June 7, 2026
इजराइली सेना (IDF) ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को एयर डिफेंस सिस्टम ने रास्ते में ही नष्ट कर दिया, हालांकि उत्तरी इजराइल में कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
ईरानी हमले के कुछ घंटों बाद इजराइल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पश्चिमी और मध्य ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक तेहरान, तबरीज और इस्फहान में कई विस्फोट दर्ज किए गए। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने आरोप लगाया कि इजराइल ने एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया।
तेहरान एयरस्पेस बंद
इजराइली हमलों के बाद ईरान ने राजधानी तेहरान स्थित इमाम खोमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का एयरस्पेस बंद कर दिया। वहीं क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बीच इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने का फैसला लिया है।
ट्रंप ने की संयम की अपील
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बड़े पैमाने पर जवाबी हमले से बचने की अपील की थी। इसके बावजूद इजराइल ने ईरान में सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।
फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले किसी भी समझौते को नेतन्याहू को स्वीकार करना होगा। उन्होंने कहा,“फैसले मैं लेता हूं, नेतन्याहू नहीं।”
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ताजा मिसाइल हमलों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी रहेगी और इससे संभावित समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
ये भी पढ़ेंः
फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भीषण भूकंप, सुनामी का खतरा; एक की मौत, कई इमारतें ढह गईं
बेरूत हमले के बाद बढ़ा तनाव
ईरान-इजराइल तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब इससे कुछ घंटे पहले इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले में दो लोगों की मौत और करीब 20 लोग घायल हुए थे।
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
संघर्ष के 100वें दिन ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर तेहरान परमाणु हथियार हासिल कर लेता है तो वह उनका इस्तेमाल कर सकता है। उन्होंने ईरानी नेतृत्व को “पागल लोग” बताते हुए कहा कि यदि बातचीत विफल होती है तो अमेरिका सख्त कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कभी यह वादा नहीं किया था कि अमेरिका किसी नए युद्ध में शामिल नहीं होगा और जरूरत पड़ने पर ईरान को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता अमेरिका के पास मौजूद है।
ये भी पढ़ेंः







