Hamirpur Bridge Collapse: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का स्लैब अचानक भरभराकर गिर पड़ा, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में अब तक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ अन्य मजदूरों के अभी भी मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर राहत-बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।
रात करीब 2-3 बजे हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक, कुरारा थाना क्षेत्र में मोरकंदर परसानी से नैथी गांव तक बेतवा नदी पर पुल निर्माण का काम चल रहा था। शुक्रवार तड़के करीब 2 से 3 बजे के बीच तेज आंधी और बारिश के दौरान पुल की सटरिंग, स्लैब और कोठी अचानक ढह गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेज हवाओं और बारिश के कारण निर्माणाधीन ढांचा कमजोर पड़ गया और कुछ ही सेकेंड में पूरा हिस्सा गिर गया।
मलबे में दबे मजदूर, SDRF का रेस्क्यू जारी
एएसपी अरविंद कुमार वर्मा के मुताबिक, सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। उन्होंने बताया कि कई मजदूर मलबे में दब गए थे। फिलहाल SDRF और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहे हैं। जेसीबी मशीनों की मदद से भारी मलबा हटाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अभी भी कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका बनी हुई है।
Hamirpur, Uttar Pradesh: On a Tragic incident where an Under-Construction Bridge Collapsed due to Severe Storm Killing Six Labourers, ASP Hamirpur, Arvind Kumar Verma says, “… We got the news at around 2 am tonight that this slab has fallen here, in which some people are… pic.twitter.com/Zgu6hGkjWI
— IANS (@ians_india) May 29, 2026
हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों की पहचान
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बांदा जिले के चिल्ला थाना क्षेत्र निवासी लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, भूरागढ़ निवासी सावंत यादव, सभाजीत, हमीरपुर के ललपुर थाना क्षेत्र के स्वासा खुर्द निवासी पुष्पेंद्र सिंह चौहान और अचपुरा निवासी 42 वर्षीय राजेश पाल के रूप में हुई है। मृतकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और गांवों में शोक का माहौल है।
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मजदूर सो रहे थे, संभलने का मौका नहीं मिला
स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के समय कई मजदूर पुल के नीचे और आसपास सो रहे थे। अचानक स्लैब गिरने से उन्हें बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए।
निर्माण कार्य और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं थे। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मौसम विभाग ने जारी किया था अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, हमीरपुर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार रात 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली थी। इसके साथ भारी बारिश भी हुई, जिसके कारण कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे भी गिरने की खबरें सामने आई हैं।
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