ईरान का इकलौता परमाणु संयंत्र फिलहाल सुरक्षित, हमले की स्थिति में फैल सकता है खतरनाक रेडिएशन

Threat to Iran’s Nuclear Plant: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बावजूद ईरान का एकमात्र चालू परमाणु ऊर्जा संयंत्र बुशहर फिलहाल सामान्य रूप से काम कर रहा है। इस संयंत्र का संचालन रूस की सरकारी परमाणु एजेंसी रोसाटॉम की निगरानी में होता है, जहां बड़ी संख्या में रूसी वैज्ञानिक और इंजीनियर कार्यरत हैं। हाल के दिनों में रूसी कर्मियों ने संयंत्र के आसपास किसी बड़े हमले की पुष्टि नहीं की है और वहां स्थिति “सामान्य और शांत” बताई जा रही है। बुशहर का यूनिट-1 रिएक्टर पूरी क्षमता के साथ बिजली उत्पादन कर रहा है।

रूस निर्मित संयंत्र, ईरान के लिए बेहद अहम

रूस निर्मित बुशहर परमाणु संयंत्र ईरान के ऊर्जा ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। यहां बड़ी मात्रा में परमाणु ईंधन मौजूद है, इसलिए विशेषज्ञ लगातार चेतावनी देते रहे हैं कि यदि इस साइट पर हमला हुआ तो उसका असर केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में रेडिएशन और पर्यावरणीय तबाही फैल सकती है।

हॉर्मुज के पास बढ़ा सैन्य तनाव

इस सप्ताह अमेरिकी सेना ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास ईरानी ठिकानों पर कई हमले किए, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान ने अमेरिका पर पिछले महीने हुए युद्धविराम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है और अमेरिकी युद्धपोतों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। बुशहर संयंत्र हॉर्मुज जलडमरूमध्य से लगभग 250 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।

पहले घटाई गई थी रूसी विशेषज्ञों की संख्या

फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायल हमलों के बाद मार्च और अप्रैल में बुशहर के आसपास विस्फोटों और हमलों की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद रोसाटॉम ने सुरक्षा कारणों से अपने विशेषज्ञों की संख्या करीब 700 से घटाकर लगभग 20 कर दी थी। अमेरिकी हमलों के दौरान संयंत्र के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरने से एक सुरक्षा गार्ड की मौत भी हुई थी।

फिर बढ़ सकती है रूस की मौजूदगी

रोसाटॉम प्रमुख अलेक्सी लिकाचेव ने कहा है कि यदि सुरक्षा स्थिति स्थिर रहती है तो कंपनी अपने विशेषज्ञों को दोबारा बड़ी संख्या में ईरान भेजने के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि साइट पर काम धीरे-धीरे फिर से शुरू हो रहा है और करीब 2,200 ईरानी ठेकेदार वापस लौट चुके हैं, जो मुख्य रूप से यूनिट-2 रिएक्टर के निर्माण कार्य में जुटे हैं।

दो नए रिएक्टरों पर जारी निर्माण

बुशहर यूनिट-1 ने वर्ष 2013 में व्यावसायिक संचालन शुरू किया था। संयंत्र की क्षमता बढ़ाने के लिए रूस की मदद से यूनिट-2 और यूनिट-3 रिएक्टरों का निर्माण 2016 से जारी है। फिलहाल निर्माण कार्य में कंक्रीट और संरचनात्मक मजबूती पर ध्यान दिया जा रहा है।

जर्मनी ने शुरू की थी परियोजना

बुशहर परमाणु ऊर्जा परियोजना की शुरुआत 1970 के दशक में पश्चिम जर्मनी की एक कंपनी ने की थी, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति और बाद के राजनीतिक तनावों के कारण काम रोक दिया गया। इसके बाद 1990 के दशक में रूस की रोसाटॉम एजेंसी ने इस परियोजना को दोबारा शुरू किया। आज यह संयंत्र ईरान के राष्ट्रीय पावर ग्रिड को बिजली उपलब्ध कराने वाला सबसे बड़ा परमाणु केंद्र माना जाता है।

ये भी पढ़ेंः

हॉर्मुज विश्व के लिए ‘परमाणु बम’ के समान, US का ईरानी झंडे वाले दो और तेल टैंकरों पर हमला

Prem Upadhyay

प्रेम उपाध्याय न्यूज प्लस लाइव में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे मार्च 2026 से संगठन की डिजिटल विंग के साथ जुड़े हुए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रणनीति व निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, प्रेम ने लाइव इंडिया, 4 रियल न्यूज और फोकस टीवी जैसे विभिन्न न्यूज चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्राइम, बिजनेस, डिफेंस, राजनीति और मनोरंजन जैसे विविध बीट्स पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और खबरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की गहन जांच व तथ्यों के सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

Related Posts

ट्रंप बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, होर्मुज में नहीं लगेगा टोल; समझौते पर जल्द होगा फैसला

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित परमाणु समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और इसके…

पाक- अमेरिका के लिए नया सर दर्द बना अफगानिस्तान, रूस-तालिबान सैन्य सहयोग समझौता

Taliban Russia Military Cooperation: कभी एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन रहे रूस और तालिबान ने अब एक ऐतिहासिक समझौते की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है। रूस-तालिबान के बीच सैन्य सहयोग…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी करेंगी ताजमहल का दीदार, आगरा में हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी टिफनी करेंगी ताजमहल का दीदार, आगरा में हाई अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां

ट्रंप बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, होर्मुज में नहीं लगेगा टोल; समझौते पर जल्द होगा फैसला

ट्रंप बोले- ईरान परमाणु बम नहीं बनाएगा, होर्मुज में नहीं लगेगा टोल; समझौते पर जल्द होगा फैसला

बकरीद पर पुरानी रंजिश का बदला, मुस्लिम दोस्तों ने हिंदू युवक की चाकू गोदकर हत्या की; इलाके में तनाव का माहौल

बकरीद पर पुरानी रंजिश का बदला, मुस्लिम दोस्तों ने हिंदू युवक की चाकू गोदकर हत्या की; इलाके में तनाव का माहौल

पाक- अमेरिका के लिए नया सर दर्द बना अफगानिस्तान, रूस-तालिबान सैन्य सहयोग समझौता

पाक- अमेरिका के लिए नया सर दर्द बना अफगानिस्तान, रूस-तालिबान सैन्य सहयोग समझौता

ईरान का बड़ा बयान- ‘दुश्मनों को होर्मुज इस्तेमाल नहीं करने देंगे’, अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर पर सहमति की रिपोर्ट

ईरान का बड़ा बयान- ‘दुश्मनों को होर्मुज इस्तेमाल नहीं करने देंगे’, अमेरिका-ईरान 60 दिन के सीजफायर पर सहमति की रिपोर्ट

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका

हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरा, 6 मजदूरों की मौत, कई मजदूरों के दबे होने की आशंका
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर