Muzaffarpur Hospital Fire: बिहार के मुजफ्फरपुर में एक निजी अस्पताल के ICU में बुधवार देर रात भीषण आग लगने से कम से कम 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 से अधिक लोग झुलस गए। हादसा रात करीब 3 बजे हुआ। आग लगने के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों को बचाने के लिए खिड़कियां व दरवाजे तोड़कर बाहर निकाला गया।
शॉर्ट सर्किट के बाद AC में ब्लास्ट
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक ICU में शॉर्ट सर्किट होने के बाद एयर कंडीशनर (AC) में विस्फोट हुआ, जिससे आग तेजी से पूरे वार्ड में फैल गई। ICU अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाई आई।
फायर ब्रिगेड ने तोड़कर निकाले मरीज
सूचना मिलने पर दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घने धुएं के बीच फायर ब्रिगेड कर्मियों ने ICU की खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला।
95 वर्षीय मरीज ने सबसे पहले दी जानकारी
ICU में भर्ती 95 वर्षीय राधा देवी ने बताया कि अचानक वार्ड में धुआं भरने लगा। उन्होंने तुरंत अपना ऑक्सीजन मास्क हटाया और बाहर निकलकर सुरक्षा गार्ड को आग लगने की सूचना दी। उनके मुताबिक कुछ ही मिनटों में पूरा वार्ड धुएं से भर गया था।

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‘बेड पर तड़पते रहे मरीज, स्टाफ गायब था’
स्थानीय निवासी धीरज गिरी ने बताया कि वह अस्पताल की छत पर सो रहे थे, तभी चीख-पुकार सुनाई दी। नीचे आने पर उन्होंने देखा कि मरीज और उनके परिजन जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों का आरोप है कि आग लगने के बाद अस्पताल का स्टाफ और कुछ डॉक्टर मौके से चले गए, जिससे हालात और बिगड़ गए।

दमकल विभाग के एक अधिकारी ने भी दावा किया कि जब उनकी टीम घटनास्थल पर पहुंची, तब अस्पताल का अधिकांश स्टाफ मौजूद नहीं था।
पुलिस और अस्पताल प्रबंधन पर भी आरोप
कुछ परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस जल्दबाजी में शवों को घटनास्थल से ले गई। वहीं, अस्पताल की एक नर्स पर मृत मरीजों को जीवित बताने का आरोप भी लगाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पर्याप्त पानी और राहत व्यवस्था उपलब्ध होती तो मृतकों की संख्या कम हो सकती थी।

DM ने जांच के दिए आदेश
मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी (DM) सुब्रत कुमार ने कहा कि अस्पताल की संभावित लापरवाही की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि हादसे के समय ICU में करीब 15 मरीज भर्ती थे। कुछ परिजनों ने मरीजों के लापता होने की शिकायत भी की है, जिसकी जांच की जा रही है।
फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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