Qatar Gas Plant Blast: कतर के सबसे बड़े गैस हब रास लाफान LNG कॉम्प्लेक्स में रविवार शाम भीषण धमाका हुआ। इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 से अधिक लोग घायल हो गए। मृतकों में 12 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। कतर के ऊर्जा मंत्री ने सोमवार को हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
54 INJURED, 18 STILL MISSING after MUSHROOM CLOUD-LIKE BLAST rocks Qatar’s gas export hub — AP pic.twitter.com/jO45NwY1L3
— RT (@RT_com) June 22, 2026
दो दिन पहले ही दोबारा शुरू हुआ था प्लांट
अधिकारियों के मुताबिक, रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान लोकल गैस सप्लाई फैसिलिटी दिसंबर 2025 से जरूरी मरम्मत के कारण बंद थी। इसे केवल दो दिन पहले ही दोबारा शुरू किया गया था। रविवार शाम संचालन प्रक्रिया के दौरान अचानक विस्फोट हुआ, जिसके बाद भीषण आग लग गई।
कतर के ऊर्जा मंत्री और कतरएनर्जी के CEO साद शेरिदा अल-काबी ने सोमवार को बताया कि रविवार शाम रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान गैस सप्लाई प्लांट में हुए भीषण धमाके और आग लगने से भारतीय नागरिकों समेत 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 66 लोग घायल हुए हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में यह एक दुर्घटना लग रही है और अब तक किसी तरह की साजिश, तोड़फोड़ या बाहरी हमले के सबूत नहीं मिले हैं।
हादसे के बाद राहत और बचाव दल ने आग पर काबू पा लिया है। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रभावित लोगों तथा उनके परिवारों को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है।
Breaking: Qatar’s Minister of State for Energy Affairs and QatarEnergy CEO, Saad Sherida Al-Kaabi, confirmed on Monday that 15 people, including Indian nationals, were killed and 66 others injured following a massive explosion and fire at the Barzan gas supply facility in Ras…
— Wolverine Update (@W0lverineupdate) June 22, 2026
दोहा तक सुनाई दी धमाके की आवाज
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धमाका इतना तेज था कि इसकी आवाज राजधानी दोहा तक सुनाई दी। लगभग 70 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी घबरा गए। हादसे के तुरंत बाद आपातकालीन सेवाओं, दमकल कर्मियों और बचाव दल को मौके पर भेजा गया और कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
हालांकि, कतर सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस घटना से पर्यावरण को कोई खतरा नहीं है और देश से गैस की सप्लाई सामान्य रूप से जारी रहेगी।
कई देशों के नागरिक हुए घायल
हादसे में भारत, कतर, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश, तंजानिया, केन्या, नाइजीरिया और गिनी समेत कई देशों के नागरिक घायल हुए हैं। घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
ये भी पढ़ेंः
US-Iran वार्ता का असर: ईरानी तेल बिक्री पर प्रतिबंध हटा, UN इंस्पेक्टर फिर होंगे तैनात
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
दोहा स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह कतर के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है और हादसे से प्रभावित भारतीय नागरिकों तथा उनके परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। दूतावास ने आपात स्थिति के लिए +974-55647502 और +974-55384683 हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसके अलावा cons.doha@mea.gov.in ईमेल के जरिए भी संपर्क किया जा सकता है। दूतावास ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
We convey our deepest condolences to the families of those who have unfortunately passed away in the sad incident at Ras Laffan Industrial City last night.
We are in constant touch with Qatari authorities and will render all help to the families of those who have lost their…
— India in Qatar (@IndEmbDoha) June 22, 2026
कतर में हर पांचवां व्यक्ति भारतीय
विदेश मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, कतर में लगभग 7.46 लाख भारतीय रहते हैं। यह देश की कुल आबादी का करीब 22 प्रतिशत हिस्सा है और भारतीय वहां का सबसे बड़ा विदेशी समुदाय हैं।
भारतीय नागरिक तेल और गैस उद्योग, निर्माण क्षेत्र, अस्पताल, शिक्षा, बैंकिंग और आईटी सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बड़ी संख्या में लोग केरल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात और बिहार से रोजगार के लिए कतर पहुंचे हैं।
पहले भी प्रभावित हो चुका है रास लाफान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मार्च में ईरान के मिसाइल हमले के दौरान रास लाफान की दो गैस यूनिट क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे कतर की गैस निर्यात क्षमता का करीब 17 प्रतिशत प्रभावित हुआ था। विशेषज्ञों का कहना है कि इन यूनिटों की पूरी मरम्मत में तीन से पांच साल तक का समय लग सकता है।
कतर की अर्थव्यवस्था का सबसे अहम केंद्र है रास लाफान
दोहा से लगभग 80 किलोमीटर उत्तर में स्थित रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी को कतर की गैस अर्थव्यवस्था का दिल माना जाता है। यह 100 वर्ग मील से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है और दुनिया के सबसे बड़े LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) निर्यात केंद्रों में शामिल है।
इसी परियोजना की बदौलत कतर दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा निर्यातक देशों में शामिल हुआ। कतर ने 2027 तक अपनी LNG उत्पादन क्षमता 12.6 करोड़ टन सालाना तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा चुनौतियों के कारण इस योजना पर असर पड़ा है।
ये भी पढ़ेंः







