Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंगलवार को अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, 20 पन्नों की इस रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज करने, राम मंदिर ट्रस्ट का पुनर्गठन करने और किसी वरिष्ठ अधिकारी को मंदिर का CEO नियुक्त करने की सिफारिश की गई है। साथ ही विस्तृत जांच के लिए अतिरिक्त समय भी मांगा गया है।
रिपोर्ट राज्य के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपी गई। SIT ने बताया कि यह प्रारंभिक रिपोर्ट है, जिसमें अब तक 150 लोगों से पूछताछ का विवरण शामिल है।
Lucknow, Uttar Pradesh: The Special Investigation Team (SIT) has submitted its preliminary investigation report in the Ram Mandir donation case to Home Secretary Sanjay Prasad. The probe is currently ongoing. Lucknow Divisional Commissioner Vijay Vishwas Pant, along with two… pic.twitter.com/UW3Xp22IZI
— IANS (@ians_india) June 23, 2026
पिछले 5 वर्षों के चढ़ावे का ऑडिट कराने की सिफारिश
सूत्रों के मुताबिक, SIT ने पिछले पांच वर्षों के चढ़ावे का विशेष ऑडिट कराने की सिफारिश की है। रिपोर्ट में चढ़ावे के प्रबंधन में अनियमितताओं को रोकने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं और ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
बताया जा रहा है कि राज्य सरकार यह रिपोर्ट केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को भेजेगी। इसके बाद गृह मंत्रालय तय करेगा कि ट्रस्ट के किन सदस्यों को बरकरार रखा जाए और किन्हें हटाया जाए।
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2 करोड़ रुपए की रिकवरी, सोना भी बरामद
जांच के दौरान गिरफ्तार पांच आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर करीब 2 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। इसके अलावा चंपत राय के करीबी बताए जा रहे टिन्नू के घर से सोना भी बरामद हुआ है।
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इस कथित चोरी का दायरा 200 करोड़ रुपए से अधिक का हो सकता है। हालांकि, इस आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच जारी है।
14 जून को हुआ था SIT का गठन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 जून को राम मंदिर ट्रस्ट की सिफारिश पर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया था। टीम ने छह दिनों तक मंदिर से जुड़े दस्तावेजों, व्यवस्थाओं और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। इस SIT में लखनऊ मंडल आयुक्त IAS विजय विश्वास पंत, लखनऊ रेंज की IG किरण शिवकुमार और वित्त विभाग के विशेष सचिव नीलरतन कुमार शामिल थे। टीम ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है।
विजय विश्वास पंत ने क्या कहा?
लखनऊ मंडल आयुक्त एवं SIT सदस्य विजय विश्वास पंत ने कहा कि रिपोर्ट अपर मुख्य सचिव गृह को सौंप दी गई है। उन्होंने इसे प्रारंभिक और गोपनीय रिपोर्ट बताते हुए कहा कि जांच के निष्कर्ष सरकार को उपलब्ध करा दिए गए हैं और आगे की प्रक्रिया सरकार तय करेगी।
BREAKING: SIT submits its preliminary report on the alleged Ayodhya donation theft case to Home Secretary Sanjay Prasad. Lucknow Commissioner Vijay Vishwas Pant, along with two members, handed over the report. Investigation continues. pic.twitter.com/Bt4wC2ezxu
— TOI Lucknow (@TOILucknow) June 23, 2026
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