Japan immigration policy: इटली के बाद अब जापान ने भी अवैध प्रवासियों और विदेशी कामगारों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। जापान के इबाराकी प्रांत ने अवैध विदेशी कामगारों और घुसपैठियों की जानकारी देने वालों को करीब 10,000 येन (लगभग 5-6 हजार रुपए) का इनाम देने की योजना बनाई है।
अधिकारियों के मुताबिक, इस योजना का मकसद अवैध रोजगार और इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन पर रोक लगाना है, न कि विदेशियों को निशाना बनाना। हालांकि, इस फैसले के बाद विवाद भी शुरू हो गया है। आलोचकों का कहना है कि इससे भेदभाव, नस्लीय प्रोफाइलिंग और सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।
इबाराकी जापान का पहला प्रीफेक्चर बन गया है जिसने राज्य स्तर पर ऐसा कैश रिवॉर्ड सिस्टम शुरू किया है। प्रशासन का दावा है कि कार्रवाई का मुख्य निशाना अवैध तरीके से विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखने वाली कंपनियां होंगी। लेकिन विरोध करने वालों को डर है कि इससे आम विदेशी नागरिकों और विदेशी दिखने वाले जापानी लोगों को भी संदेह की नजर से देखा जा सकता है।
इस फैसले ने जापान में आव्रजन नीति, सामाजिक सद्भाव और विदेशियों के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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