TMC में बगावत: 20 सांसद अलग गुट बनाकर NCPI में होंगे शामिल, NDA समर्थन के संकेत

West Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 20 सांसदों के एक बागी गुट ने संगठन से अलग होकर नई राजनीतिक दिशा अपनाने का ऐलान किया है। यह गुट अब त्रिपुरा की क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में शामिल होने की तैयारी में है।

TMC की बागी गुट की नेता काकोली घोष दस्तीदार ने संसद के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र सौंपकर अपने फैसले की औपचारिक ऐलान भी कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने संसद में अलग बैठने की जगह की मांग भी रखी है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात के बाद बागी TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा, “हमने अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। हमने यह भी बताया है कि हम नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी में विलय कर रहे हैं।”

BJP नेताओं से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल

इससे पहले बागी सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया कि यह गुट आगे चलकर BJP के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन दे सकता है।

गुट के बड़े दावे

बागी सांसदों ने दावा किया है कि उनके पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है। उन्होंने यह भी कहा कि वे संसद में अलग पहचान के साथ काम करना चाहते हैं और पार्टी के भीतर उनकी स्थिति अब असहज हो चुकी है।

गुट की ओर से यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर वे केंद्र की NDA सरकार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं, जिससे राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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TMC का पलटवार

दूसरी ओर, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट के TMC विधायक मदन मित्रा ने बागी सांसदों के लोकसभा स्पीकर से मुलाकात पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, वह सही नहीं है। मदन मित्रा ने कहा, ये सांसद जनता द्वारा इसलिए चुने गए थे ताकि वे TMC को मजबूत करें और पार्टी नेतृत्व के साथ मिलकर काम करें, न कि अलग संगठन बनाने के लिए।

उन्होंने आगे कहा कि अब ये लोग अपने रास्ते से भटक गए हैं, लेकिन यह सभी सांसद ऐसा नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि अलग राजनीतिक दल बनाने के लिए जितनी संख्या की जरूरत होती है, वह इस छोटे समूह के पास मौजूद नहीं है।

बागी सांसदों का बयान

बागी गुट के सांसद अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि उनकी बातचीत सकारात्मक रही है और वे देशहित में काम करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर वे BJP से सहयोग लेने में भी हिचकिचाएंगे नहीं।

अरूप चक्रवर्ती ने यह भी बताया कि सायोनी घोष उनके गुट की नेता हैं और वह भी इस मुलाकात के दौरान मौजूद थीं।

वहीं, TMC के बागी सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि असली पार्टी कौन है, इसका फैसला अब अदालत में होगा। वहीं पार्टी के अन्य नेताओं ने कहा कि जो सांसद जनता के वोट से चुने गए थे, वे संगठन के साथ रहने के लिए बाध्य हैं।

NCPI और नई राजनीतिक दिशा

जिस पार्टी में बागी गुट के विलय की बात हो रही है, वह त्रिपुरा की छोटी क्षेत्रीय पार्टी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) है। यह चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड तो है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। इसके नेतृत्व और संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी अभी स्पष्टता नहीं है।

TMC के बागी सांसदों की स्पीकर के साथ मुलाकात की तस्वीरें

राजनीतिक संकेत

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, अगर यह बागी गुट वास्तव में NCPI में शामिल होकर NDA के साथ जुड़ता है, तो यह पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। इससे न केवल TMC की लोकसभा में ताकत प्रभावित हो सकती है, बल्कि आने वाले चुनावों में भी समीकरण बदल सकते हैं।

 

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Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

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