West Bengal Election 2026: चुनावी रंग के बीच बंगाल की रामनवमी, “राम सबके हैं”, जय श्रीराम सिर्फ BJP के नहीं – TMC बोली

West Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में आगामी “रामनवमी ” इस साल चुनावी रंग लिए हुए है। 27 मार्च को मनाए जाने वाले इस त्योहार को लेकर राज्य के कई इलाकों में पांच दिन तक जुलूस और शोभा यात्राओं की तैयारियां चल रही हैं। BJP और हिंदू संगठन इस दौरान हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाएंगे, जबकि TMC ने साफ किया है कि राम सभी के हैं और जय श्रीराम” सिर्फ BJP के नहीं है।

आसनसोल और 2018 की हिंसा की यादें

आसनसोल को खास इसलिए माना जाता है क्योंकि 2018 में रामनवमी के दौरान यहां हिंसा भड़की थी। रानीगंज और आसनसोल के बाजारों में 100 से ज्यादा दुकानें और घर जला दिए गए थे। तीन लोगों की मौत हुई और कर्फ्यू लगाना पड़ा।

इस साल विधानसभा चुनाव के मद्देनजर रामनवमी BJP और TMC दोनों के लिए बड़ी परीक्षा है। अनुमान है कि पूरे राज्य में करीब 20 हजार शोभा यात्राएं और जुलूस निकाले जाएंगे।

BJP और हिंदू संगठनों की तैयारी

पश्चिम बंगाल में पिछले 12 साल से RSS, बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद रामनवमी पर रैलियां निकाल रहे हैं। अब इन जुलूसों में राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हो रही हैं, हालांकि पार्टी के झंडे नहीं दिखेंगे।

आसनसोल साउथ की विधायक और BJP वाइस प्रेसिडेंट अग्निमित्रा पॉल (Agnimitra Paul) के अनुसार, इस बार बर्नपुर, चित्रा मोड़, राधानगर, बल्लावपुर, मोशिला, काली पहाड़ी और एगरा में रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें लगभग 10 हजार लोग शामिल होंगे।

BJP संयोजक शांतनु चटर्जी  (Shantanu Chatterjee) ने कहा कि उनका अखाड़ा रजिस्टर्ड है और जुलूस निकालेंगे। उन्होंने बताया कि घरों से चंदा लेकर तैयारियों में काफी खर्च हुआ।

“हमें हथियार की परमिशन नहीं मिल रही है। हमारे सभी देवी-देवता हथियार लेकर चलेंगे। 5–6 घंटे का कार्यक्रम होगा। करीब 10 हजार लोग शामिल होंगे।”

पिछले साल कलकत्ता हाईकोर्ट ने हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाई थी, लेकिन इस साल हावड़ा में जुलूस की अनुमति दी गई है, हालांकि हथियारों पर प्रतिबंध जारी है।

मालदा और नॉर्थ बंगाल की तैयारियां

मालदा में 52 संगठन मिलकर रैली निकालेंगे। BJP वाइस प्रेसिडेंट तंद्रा राय चौधरी (Tandra Rai Chaudhary) के अनुसार, रैली 5 किलोमीटर लंबी होगी और बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होंगे।

सिलीगुड़ी में जिला समिति के सचिव लक्ष्मण बंसल (Laxman Bansal) कहते हैं कि नॉर्थ बंगाल के आठ जिलों में 150 से ज्यादा शोभा यात्राएं निकाली जाएंगी। पिछले साल 6 लाख लोग शामिल हुए थे, इस बार आंकड़ा 7 लाख के पार होने की उम्मीद है।

रैलियों में 150 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें वंदे मातरम् का सफर, संघ के 100 साल और हिंदुओं पर अत्याचार को दिखाया जाएगा।

TMC का संदेश – “राम सबके हैं”

TMC ने रामनवमी पर रैलियों में हिस्सा लेने की तैयारी कर ली है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि रामनवमी हिंदी भाषी इलाकों में आस्था और शौर्य का विषय है, लेकिन इसे सियासी रूप भी मिल चुका है।

TMC पार्षद रंजीत सिंह (Ranjit Singh) कहते हैं-

“रामनवमी पर हमारे इलाके में कई जगहों से रैली निकलती है। BJP या TMC का मामला नहीं है। सिर्फ जय श्रीराम कह देने से राम BJP के नहीं हो गए, वे तो सबके हैं।”

उन्होंने यह भी बताया कि रैलियों में पार्टी नेता सीधे शामिल नहीं होते, लेकिन ज्यादातर कामकाज पार्टी के कार्यकर्ता देखते हैं।

चुनाव और हिंसा का इतिहास

2018 में रानीगंज, आसनसोल और पुरुलिया में रामनवमी के दौरान हिंसक झड़पें हुई थीं। इसके बाद पंचायत चुनाव में BJP दूसरी बड़ी पार्टी बनकर उभरी।

2019 में लोकसभा चुनाव से पहले फिर हिंसा भड़की, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठे। इन घटनाओं ने राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज कर दिया।

नंदीग्राम के रेयापाड़ा में 22 मार्च को भगवान की मूर्ति तोड़ दी गई। BJP नेता शुभेंदु अधिकारी (Shubhendu Adhikari) का आरोप है कि ये TMC के इशारों पर हुआ।

“बंगाल में चुनाव नजदीक आते ही ऐसी घटनाएं तनाव बढ़ा रही हैं। अगर दोषियों को जल्दी गिरफ्तार नहीं किया गया, तो हालात बेकाबू हो सकते हैं।”

पश्चिम बंगाल में इस साल की रामनवमी केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि चुनाव की रणभूमि बन चुकी है। BJP हिंदुओं पर अत्याचार और सांप्रदायिक मामलों को मुद्दा बना रही है, जबकि TMC ने स्पष्ट कर दिया है कि “राम सबके हैं”, और जय श्रीराम केवल BJP का प्रतीक नहीं।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि आसनसोल, मालदा और नॉर्थ बंगाल में रैलियों की भीड़ और चुनावी संदेश, राज्य के विधानसभा चुनावों पर असर डाल सकते हैं। सुरक्षा और शांति बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती रहेगा, जबकि पार्टियों की रणनीति और जुलूसों की संख्या राज्य में सियासी समीकरण बदलने की संभावना रखती है।

Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

Related Posts

भरत तिवारी की तेरहवीं में देशभक्ति गीत, सरकार विरोधी नारे; मांझी बोले- पुलिस ने सही कार्रवाई की

Bharat Tiwari Encounter Case: बिहार के भोजपुर जिले में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तेरहवीं सोमवार को बड़े स्तर पर आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में हजारों…

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: 8 आरोपियों के घर एक साथ पुलिस की छापेमारी, अनुकल्प के घर डायरी मिली, टिन्नू के घर अलमारी-बक्से खंगाले

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। रविवार सुबह करीब 7 बजे पुलिस की 8 टीमों ने जेल में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

तीन भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को धोया, लेकिन बारिश ने भारत की जीत पर फेरा पानी; पहला टी20 रद्द

तीन भारतीय बल्लेबाजों ने इंग्लैंड को धोया, लेकिन बारिश ने भारत की जीत पर फेरा पानी; पहला टी20 रद्द

दिल्ली में बरसे बदरा, तेज हवाओं के साथ दिन में छाया अंधेरा; बारिश से उमस से मिली राहत

दिल्ली में बरसे बदरा, तेज हवाओं के साथ दिन में छाया अंधेरा; बारिश से उमस से मिली राहत

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: मुख्य आरोपी के घर 20 लाख कैश, 1,121 डॉलर और ‘रामराज्य कोष’ वाला संदूक मिला

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: मुख्य आरोपी के घर 20 लाख कैश, 1,121 डॉलर और ‘रामराज्य कोष’ वाला संदूक मिला

दोहा समझौते के बाद ईरान को राहत, 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड से खरीदेगा जरूरी सामान; अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप

दोहा समझौते के बाद ईरान को राहत, 6 अरब डॉलर के फ्रीज फंड से खरीदेगा जरूरी सामान; अमेरिका पर समझौता तोड़ने का आरोप

राजस्थान के दौसा में दर्दनाक हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराई ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस, 8 की मौत, कई यात्री जिंदा जले

राजस्थान के दौसा में दर्दनाक हादसा: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर ट्रेलर से टकराई ऋषिकेश-इंदौर स्लीपर बस, 8 की मौत, कई यात्री जिंदा जले

1 जुलाई से बदल गए 6 बड़े नियम: कॉमर्शियल सिलेंडर ₹180 सस्ता, पासपोर्ट महंगा, ट्रेन में बिना टिकट पर दोगुना जुर्माना

1 जुलाई से बदल गए 6 बड़े नियम: कॉमर्शियल सिलेंडर ₹180 सस्ता, पासपोर्ट महंगा, ट्रेन में बिना टिकट पर दोगुना जुर्माना
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर