Petrol Pump Kerosene Facility: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। अब राशन की दुकानों के साथ-साथ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मकसद है कि किसी भी संभावित संकट की स्थिति में आम लोगों को जरूरी ईंधन आसानी से मिल सके।
पेट्रोल पंप बनेंगे नए केरोसिन डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर
सरकार के फैसले के तहत अब सरकारी तेल कंपनियां चयनित पेट्रोल पंपों पर केरोसिन स्टोर कर सकेंगी और वहीं से इसका वितरण भी किया जाएगा। इससे सप्लाई नेटवर्क मजबूत होगा और ग्रामीण व शहरी दोनों क्षेत्रों में केरोसिन की उपलब्धता बेहतर हो सकेगी।
हर जिले में 2 पेट्रोल पंप तय
इस योजना के तहत हर जिले में राज्य सरकार या केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन अधिकतम 2 पेट्रोल पंपों का चयन करेगा। इन पंपों पर 5,000 लीटर तक केरोसिन स्टोर करने की अनुमति होगी। सीमित पंपों के जरिए वितरण करने से निगरानी और नियंत्रण भी आसान रहेगा।
PDS नियमों में 60 दिनों की छूट
सप्लाई को आसान और तेज बनाने के लिए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के नियमों में 60 दिनों के लिए ढील दी है। इससे केरोसिन की उपलब्धता बढ़ाने और जरूरतमंद लोगों तक समय पर पहुंचाने में मदद मिलेगी।
डीलरों और एजेंट्स को बड़ी राहत
सरकार ने केरोसिन वितरण से जुड़े एजेंट्स और डीलरों को भी राहत दी है। अब उन्हें लाइसेंस लेने की अनिवार्यता से छूट दी गई है। इसके अलावा टैंकरों से केरोसिन सप्लाई के नियमों को सरल बनाया गया है और पेट्रोल पंपों पर अस्थायी भंडारण की अनुमति दी गई है।
ईंधन की कोई कमी नहीं!
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में फिलहाल पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई कमी नहीं है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। हालांकि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ी है, जिस पर सरकार ने लोगों से घबराने से बचने की अपील की है।
LPG और गैस सप्लाई पूरी तरह सामान्य
सरकार के मुताबिक देशभर में LPG की सप्लाई सामान्य बनी हुई है। रोजाना 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर किए जा रहे हैं और ऑनलाइन बुकिंग 94% तक पहुंच चुकी है। वहीं CNG और PNG उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सप्लाई दी जा रही है।
वैकल्पिक ईंधन पर सरकार का जोर
संभावित दबाव को देखते हुए सरकार ने केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है। राज्यों को 48,000 किलोलीटर अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है। साथ ही सिटी गैस कंपनियों को होटल और कमर्शियल सेक्टर में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। औद्योगिक उपभोक्ताओं को फिलहाल उनकी औसत खपत का 80 प्रतिश गैस दी जा रही है।
मिडिल ईस्ट तनाव बना मुख्य कारण
सरकार का यह फैसला मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव ने वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देश पहले से सतर्क हो गए हैं।
केंद्र सरकार का यह कदम एक एहतियाती रणनीति का हिस्सा है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि देश में ईंधन की सप्लाई बाधित न हो। सरकार लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे फैसले लिए जा सकते हैं।






