Sabarimala Case Hearing Today: महिलाओं के धार्मिक अधिकारों पर आज सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई

Sabarimala Case Hearing Today: देश में महिलाओं के धार्मिक अधिकारों से जुड़े सबसे अहम मामलों पर आज से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई शुरू करेगी। 9 जजों की संविधान पीठ इस मामले में सबरीमाला मंदिर से लेकर मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश, दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला खतना और पारसी महिलाओं के धार्मिक अधिकार जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर विचार करेगी। यह सुनवाई 22 अप्रैल तक चलेगी और इसे भारत के संवैधानिक इतिहास की सबसे अहम सुनवाई में से एक माना जा रहा है।

सबरीमाला मंदिर विवाद क्या है?

केरल स्थित सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में पारंपरिक रूप से 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर रोक रही है। इसके पीछे धार्मिक मान्यता है कि भगवान अयप्पा ब्रह्मचारी हैं, इसलिए इस आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाता।

हालांकि, 2018 में सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संविधान पीठ ने 4-1 के बहुमत से इस प्रतिबंध को असंवैधानिक करार देते हुए सभी आयु वर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश की अनुमति दे दी थी। इसके बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और मामला पुनर्विचार याचिकाओं के जरिए फिर कोर्ट पहुंचा।

किन बड़े मुद्दों पर होगी सुनवाई?

  • इस सुनवाई में सिर्फ सबरीमाला ही नहीं, बल्कि कई धर्मों से जुड़े महिला अधिकारों के सवाल शामिल हैं:
  • क्या मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में नमाज पढ़ने का अधिकार है?
  • क्या दाऊदी बोहरा समुदाय में महिला खतना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है?
  • क्या पारसी महिला, जिसने दूसरे धर्म में शादी की है, उसे अग्नि मंदिर में प्रवेश से रोका जा सकता है?
  • क्या पर्सनल लॉ को संविधान के आर्टिकल 14 (समानता) और 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) के आधार पर परखा जा सकता है?

संविधान बनाम परंपरा: सबसे बड़ा सवाल

सुनवाई का केंद्र बिंदु यह होगा कि समानता का अधिकार (Article 14) और धार्मिक स्वतंत्रता (Article 25) के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। कोर्ट यह भी तय करेगा कि “Essential Religious Practices” यानी जरूरी धार्मिक प्रथाओं की सीमा क्या है और उसमें न्यायपालिका का दखल कितना होना चाहिए।

पहले क्या हुआ था?

2019 में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को 9 जजों की बड़ी संविधान पीठ को सौंप दिया था, ताकि व्यापक संवैधानिक सवालों पर एक स्पष्ट फैसला दिया जा सके। 2020 में सुनवाई शुरू हुई, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण प्रक्रिया अधूरी रह गई थी। अब एक बार फिर इस पर अंतिम सुनवाई शुरू हो रही है।

किसका क्या रुख है?

  • केंद्र सरकार ने पहले महिलाओं के प्रवेश का समर्थन किया, लेकिन बाद में संतुलित रुख अपनाया।
  • धार्मिक संगठनों का कहना है कि कोर्ट को धार्मिक मामलों में सीमित हस्तक्षेप करना चाहिए।
  • केरल सरकार का मानना है कि परंपराओं में बदलाव से पहले सामाजिक सहमति जरूरी है।
  • मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कोर्ट से “जरूरी धार्मिक प्रथाओं” को तय करने से बचने की अपील की है।

आगे क्या असर पड़ेगा?

इस मामले का फैसला सिर्फ सबरीमाला तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश में धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के अधिकारों की दिशा तय करेगा। अगर कोर्ट 2018 के फैसले को बरकरार रखता है, तो यह लैंगिक समानता को मजबूत करेगा। वहीं, अगर कोर्ट धार्मिक परंपराओं को प्राथमिकता देता है, तो न्यायपालिका के हस्तक्षेप की सीमा तय हो सकती है।

Spread the love

Varun Srivastava

वरुण श्रीवास्तव वर्तमान में न्यूज प्लस लाइव में कार्यरत हैं और दिल्ली-एनसीआर डिजिटल टीम के सक्रिय सदस्य हैं। उनके पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता में 13 वर्षों का अनुभव है। न्यूज प्लस लाइव से पहले, उन्होंने 4Real News, Network18, Sun Star और लोकतंत्र मीडिया जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए अपनी पत्रकारिता की पहचान बनाई।

Related Posts

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की रकम और गहनों की कथित चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी…

Spread the love

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

Satyendar Jain Arrested Again: दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सत्येंद्र जैन की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने सीवेज…

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की फाइनल रिपोर्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा का नाम नहीं, 8 आरोपी पहले से जेल में

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

जेल से बाहर आने के 2 साल बाद AAP नेता सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, ACB बोली- खास कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए बदली गईं टेंडर की शर्तें

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

भारत की वोटर ID व्यवस्था की ट्रंप ने की तारीफ, SAVE America Act पर जोर; बोले- बिना फोटो ID अमेरिका में चुनाव कैसे?

गॉल टेस्ट का चौथा दिन आज, भारत 178 रन आगे; श्रीलंका 284 पर ऑलआउट, बारिश डाल सकती है खलल

गॉल टेस्ट का चौथा दिन आज, भारत 178 रन आगे; श्रीलंका 284 पर ऑलआउट, बारिश डाल सकती है खलल

ईरान-अमेरिका की 60 दिन की डेडलाइन खत्म, फिर भी ट्रंप ने क्यों रोका हमला?

ईरान-अमेरिका की 60 दिन की डेडलाइन खत्म, फिर भी ट्रंप ने क्यों रोका हमला?

ABVP से सियासत की शुरुआत, दो बार सांसद रहे हरीश द्विवेदी अब BJP के राष्ट्रीय महामंत्री बने

ABVP से सियासत की शुरुआत, दो बार सांसद रहे हरीश द्विवेदी अब BJP के राष्ट्रीय महामंत्री बने
× नोएडा दिल्ली झारखंड गुजरात ओडिशा उत्तर प्रदेश आंध्र प्रदेश पश्चिम बंगाल बिहार मध्य प्रदेश हिमाचल प्रदेश महाराष्ट्र उत्तराखंड पंजाब हरियाणा राजस्थान जम्मू-कश्मीर