सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई: पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती, CM बिस्वा की पत्नी पर टिप्पणी का मामला

Pawan Khera Bail Case: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली असम सरकार की याचिका पर आज सुनवाई होगी। यह मामला मुख्यमंत्री हिमांता बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा (Riniki Bhuyan Sarma) पर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़ा है।

क्या है मामला?

विवाद की शुरुआत 5 अप्रैल को हुई, जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया था कि उनके पास कई देशों के पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां हैं, जिनका जिक्र चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।

सरकार और परिवार का जवाब

इन आरोपों को हिमांता बिस्वा और उनके परिवार ने पूरी तरह से झूठा और निराधार बताया। इसके बाद असम पुलिस की गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में पवन खेड़ा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। FIR में झूठा बयान देने और धोखाधड़ी जैसे आरोप भी शामिल हैं।

हाई कोर्ट से मिली राहत

10 अप्रैल को तेलंगाना हाई कोर्ट ने पवन खेड़ा को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी। कोर्ट ने जांच में सहयोग करने और संबंधित शर्तों का पालन करने के निर्देश भी दिए थे।

अब सुप्रीम कोर्ट में क्या दांव पर?

असम सरकार ने इस राहत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। आज की सुनवाई में यह तय होगा कि खेड़ा को मिली अंतरिम जमानत बरकरार रहेगी या उसे रद्द किया जाएगा।

Prem Upadhyay

प्रेम उपाध्याय न्यूज प्लस लाइव में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर हैं। वे मार्च 2026 से संगठन की डिजिटल विंग के साथ जुड़े हुए हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट रणनीति व निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में 18 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ, प्रेम ने लाइव इंडिया, 4 रियल न्यूज और फोकस टीवी जैसे विभिन्न न्यूज चैनलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। अपने करियर के दौरान उन्होंने क्राइम, बिजनेस, डिफेंस, राजनीति और मनोरंजन जैसे विविध बीट्स पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण किया है। वे तथ्य-आधारित पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्ध हैं और खबरों की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए स्रोतों की गहन जांच व तथ्यों के सत्यापन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।

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