Karachi Terror Attack: पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची में शनिवार रात सिंध रेंजर्स के पैरामिलिट्री हेडक्वार्टर पर बड़ा आतंकी हमला हुआ। रात करीब 8:30 बजे आतंकियों ने विस्फोटकों से भरे वाहन के साथ मुख्य गेट को तोड़ते हुए परिसर में घुसने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने हैंड ग्रेनेड फेंके और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए। घटना की सूचना मिलते ही स्पेशल सिक्योरिटी यूनिट (SSU), एंटी टेररिस्ट फोर्स (ATF) और सिंध रेंजर्स की अतिरिक्त टुकड़ियां मौके पर पहुंचीं और पूरे परिसर को घेर लिया। इसके बाद करीब 90 मिनट तक चली भीषण मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया। वहीं, एक आतंकी को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूछताछ जारी है।
पाकिस्तानी प्रमुख अखबार ‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में तीन आतंकवादी मारे गए। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को सुरक्षित घोषित कर दिया और इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
#WATCH कराची: पाकिस्तान के अखबार ‘डॉन’ ने सिंध पुलिस प्रमुख के हवाले से बताया है कि कल कराची के गुलिस्तान-ए-जौहर इलाके में पाकिस्तान के सिंध रेंजर्स के स्थानीय मुख्यालय पर हुए हमले में तीन पैरामिलिट्री जवान और तीन आतंकवादी मारे गए।
वीडियो घटनास्थल से है। pic.twitter.com/MnT92YGVfk
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 28, 2026
गेट तोड़कर परिसर में घुसे हमलावर
प्रारंभिक जांच के अनुसार, आतंकी एक वाहन में सवार होकर आए और तेज रफ्तार से मुख्य गेट को तोड़ते हुए परिसर में दाखिल हुए। अंदर घुसते ही उन्होंने कई हैंड ग्रेनेड फेंके और स्वचालित हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से परिसर में तैनात जवानों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया और आतंकियों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
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90 मिनट तक चला ऑपरेशन
हमले के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने आसपास की सड़कें बंद कर दीं और नागरिकों से घरों के भीतर रहने की अपील की। ऑपरेशन के दौरान कुछ इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति भी रोक दी गई। करीब डेढ़ घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने सभी हमलावरों को मार गिराया और परिसर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया। रेस्क्यू-1122 की टीमें घायलों को अस्पताल पहुंचाने और राहत कार्य में जुटी रहीं।
जमात-उल-अहरार ने ली हमले की जिम्मेदारी
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, हमलावर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के धड़े जमात-उल-अहरार (JuA) से जुड़े थे। हमले के कुछ समय बाद संगठन ने इसकी जिम्मेदारी भी ली। जमात-उल-अहरार पहले भी पाकिस्तान में सुरक्षाबलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को निशाना बनाता रहा है और उसकी गतिविधियां मुख्य रूप से अफगानिस्तान सीमा से लगे खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में देखी जाती रही हैं।
सरकार ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
घटना के बाद सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने पुलिस महानिरीक्षक (IGP) और कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) को जांच कर जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं, सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने भी घटना की अलग से रिपोर्ट मांगी है और कहा है कि हमले के पीछे शामिल नेटवर्क का पता लगाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई
हमले के बाद कराची समेत सिंध प्रांत के कई संवेदनशील सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावरों को स्थानीय स्तर पर किसने मदद पहुंचाई। अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों के नेटवर्क और उनके सहयोगियों की पहचान कर व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
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